गाजीपुर। खेत की फसलों की तरह अब तालाबों की मछलियों की भी सुरक्षा सुनिश्चित होगी। उनका बीमा कराया जाएगा। नई व्यवस्था लागू होने से मत्स्य पालकों को काफी सहूलियत मिलेगी। अब मत्स्य व्यवसाय काफी हद तक जोखिममुक्त हो जाएगा।
मछलियों की बीमा के लिए मत्स्य विभाग की ओर से यूपी फिश फार्मर एप विकसित किया गया है। इस एप के जरिये मछलियों का बीमा न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी करेगी। बीमा शुरू होने से बाढ़ या अतिवृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदा या अन्य कारणों से हानि होने पर क्षतिपूर्ति मिल सकेगी।
जनपद में 1512 पंजीकृत तालाब हैं। ये तालाब 1250 हेक्टेयर में हैं। जनपद में सालाना 19 हजार 706 टन मछलियों का उत्पादन होता है। जिले में लगभग 2 हजार मत्स्य पालक हैं। ऐसे में मछली पालन ग्रामीण आजीविका का एक बड़ा माध्यम है।
मत्स्य पालकों के लिए शासन की ओर से यूपी फिश फार्मर लाया गया है। एप पर मछली का बीमा कराया जा सकता है। बारिश, बीमारी या किसी तकनीकी चूक से तालाबों की मछलियां मरती हैं तो मत्स्य पालकों को नुकसान की भरपाई हो सकेगी।
योजना फसल बीमा की तरह होगी। सभी मत्स्य पालक अपनी इकाई को बीमा कवरेज के दायरे में ला सकते हैं। मत्स्य विभाग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी महेश कुमार ने बताया कि अब मछलियों का भी बीमा होगा। इससे मत्स्य व्यवसाय का जोखिम घटेगा।