फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मेहनत के बल पर अपनी ही नहीं दो बच्चों की भी जिंदगी संवारी (मदर्स-डे पर विशेष)

विज्ञापन
जखनिया के गौरा खास निवासी अपने पुत्र के साथ प्रधानाध्यापक प्रभावती । - फोटो : GHAZIPUR
विज्ञापन
गाजीपुर। अगर व्यक्ति में आत्मबल सशक्त हो और मन में संघर्ष की दृढ़ इच्छा हो तो वह जीवन में अपने हर लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। कुछ इस तरह का दृढ़ संकल्प जखनियां ब्लाक के गौरा खास निवासी प्रभावती देवी में देखने को मिला। उन्होंने अपनी मेहनत के बल पर अपना जीवन सुधारा और अपने दो बच्चों की जिंदगी संवारने का काम किया। आज उनका यह दृढ़ संकल्प सबके लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।
विज्ञापन

गरीब परिवार की होने के बावजूद प्रभावती देवी ने पति का स्नेह पाकर एमए समाज शास्त्र और बीटीसी की परीक्षा पूरी की। स्वयं अपने बल पर संघर्ष करते हुए उन्होंने प्रौढ़ शिक्षा विभाग में नौकरी कर ली। यहां से जो कुछ मिलता रहा, उससे घर-परिवार का खर्च चलाकर शेष बच्चों की पढ़ाई-लिखाई पर खर्च करती थी। सेवानिवृृत्त पति श्याम बिहारी निराला का भी उन्हें बराबर सहयोग प्राप्त होता रहा। मेहनत और दृढ़संकल्प के बल पर ही उन्होंने प्रौढ़ शिक्षा विभाग में सुपरवाइजर के पद को भी प्राप्त कर लिया। इसके बाद उन्होंने इस विभाग को छोड़कर शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक (एलटी) के पद पर नई सेवा 1992 में लालगंज के एक स्कूल से शुरू की। कठिन मेहनत के बल पर ही उन्होंने वर्ष 1999 में डायट मऊ में प्रवक्ता के पद पर कार्यभार ग्रहण किया। उसके बाद भी बढ़ती उम्र के साथ उनका उत्साह और लगन कम नहीं हुआ। वर्ष 2016 में वह राजकीय हाईस्कूल रामपुर बलभद्र में प्रधानाध्यापक हो गई। प्रभावती देवी की स्वयं की उन्नति के साथ-साथ उनके परिवार की स्थिति सुधरती गई। उन्होंने अपने दो पुत्रों राजीव कुमार निराला और विजय कुमार निराला को क्रमश: बायो केमिस्ट्री और माइक्रो बायोलॉजी में एमएससी ग्वालियर स्थित शिक्षण संस्थान से कराया। आज बड़ा पुत्र बीएड, बीटीसी कर सहायक अध्यापक बनने की तैयारी कर रहा है। छोटा बच्चा जेआरएफ के बाद लखनऊ में रहकर पीएचडी कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें