प्रत्येक को न्यायालय ने 47- 47 हजार रुपये के अर्थदंड से किया दंडित
अर्थदंड की राशि में से पचास प्रतिशत मृतक की पत्नी को देने का आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट अरविंद मिश्र की अदालत ने बुधवार को हत्या के मामले में पिता- पुत्रों सहित आठ लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए प्रत्येक पर 47-47 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की राशि न देने पर चार साल की अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश दिया है। साथ ही न्यायालय ने अर्थदंड की संपूर्ण राशि से 50 प्रतिशत मृतक राजकुमार की पत्नी मीरा देवी को देने का आदेश दिया है।
सैदपुर कोतवाली क्षेत्र के वीरसिंहपुर निवासी मीरा देवी ने सात मार्च 2004 को तहरीर दी कि गांव की पुरानी जमीन की रंजिश को लेकर रामबचन यादव, उसका भाई रामलखन यादव और रामबचन के पुत्र आजाद यादव, विजय यादव, अजीत कुमार यादव उर्फ बबलू, शिवभजन यादव, उसका भाई शिवचरन यादव और दिनेश सिंह सभी लोग मिलकर लाठी डंडे से लैस होकर उसके दरवाजे पर आए और उसके पति राजकुमार को मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।
किसी तरह से उन्हें जिला अस्पताल भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान दूसरे दिन उसके पति की मौत हो गई। घटना की सूचना थाने पर दी, लेकिन थाने पर सूचना नहीं लिखी गई। दूसरे दिन पुलिस अधीक्षक के आदेश पर तहरीर दी गई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और विवेचना उपरांत अभियुक्तों के विरुद्ध आरोप पत्र पेश किया।
विचारण के दौरान अभियोजन की तरफ से विशेष लोक अभियोजक प्रदीप चतुर्वेदी ने कुल नौ गवाहों को पेश किया। सभी गवाहों ने अपना बयान न्यायालय में दर्ज कराया। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने उपरोक्त आठों अभियुक्तों को अनुसूचित व्यक्ति राजकुमार की हत्या का दोषी पाते हुए उपरोक्त सजा दिया है।