गाजीपुर। विशेष सत्र न्यायाधीश एससी, एसटी गुलाब सिंह की अदालत ने शनिवार को पिता एवं पुत्र सहित तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक को 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। वही अभियुक्त कमलेश को आयुध अधिनियम में दोषी पाते हुए एक हजार रुपये अतिरिक्त 11 हजार रुपये के दंड से दंडित किया है। साथ ही अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़ित को देने का आदेश दिया है।
अभियोजन के अनुसार कोतवाली मुहम्मदाबाद स्थित दाऊदपुर गांव निवासी रणजीत अपने पिता हरि प्रसाद के साथ बीते 11 अप्रैल 2012 की शाम चार बजे जा रहे थे। रास्ते में उन्हीं के गांव के राहुल, जवाहिर, कमलेश, छोटू व नत्थनपुर बालापुर के फैयाज पहले से ही घात लगाकर बैठे थे। उनके आते ही घात लगाए लोगों ने रणजीत व उनके पिता पर चाकू से हमला कर दिया था। घायल पिता हरि प्रसाद को वह जिला अस्पताल ले गए, जहां उनकी मौत हो गई थी। उनकी तहरीर के आधार पर कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचना के बाद पुलिस ने दोषियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया। विचारण के दौरान आरोपित राहुल को नाबालिग मानते हुए उसकी पत्रावली किशोर न्यायालय को भेजी गई। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक/ जेष्ठ अभियोजन अधिकारी शैलेंद्र कुमार ने कुल आठ गवाहों को पेश किया। जिन्होंने घटना का समर्थन किया। न्यायालय ने दोनों तरफ की बहस सुनने के बाद छोटू पासी को संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त कर दिया। साथ ही अभियुक्त जवाहिर, कमलेश व फैयाज को दोषी मानते हुए उक्त सजा सुनाई।