भांवरकोल थाना क्षेत्र के शेरपुर खुर्द निवासी पूर्व बीडीसी नंदलाल उर्फ बिरजू की हत्या पंचायत चुनाव में सहयोग से इंकार करने को लेकर हुई थी।
उसकी हत्या की साजिश जेल में कई मामलों में निरुद्ध अंगद राय ने रची थी। पुलिस की पूछताछ में यह जानकारी पकड़े गए चार आरोपियों ने दी। इनके पास से हत्या में प्रयुक्त असलहा और कारतूस बरामद किया गया। ये जानकारी पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्ण ने सोमवार को संवाददाताओं से बातचीत के दौरान दी।
पुलिस कार्यालय में पूर्व बीडीसी नंदलाल हत्या कांड का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्ण ने बताया कि 28 मई को भांवरकोल क्षेत्र में पूर्व बीडीसी नंदलाल उर्फ बिरजू की बाइक सवार अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतक के परिवार की तरफ से थाना में मुकदमा दर्ज कराया गया था। क्राइम ब्रांच और भांवरकोल पुलिस हत्या का खुलासा करने में लगी हुई थी। इसी क्रम में रविवार रात मुखबिर से पुलिस को पता चला कि हत्या के आरोपी जेल में बंद अंगद राय के मकान के सामने टावर के पास खड़े हैं। पुलिस मौके पर पहुंच गई और चारों को दबोच लिया। गिरफ्तार लोगों में शेरपुर खुर्द निवासी आशीष राय उर्फ सिंटू, यही का रहने वाला हरिनारायण यादव, मोहनपुर नोनहरा निवासी सियाराम राय और फेफना बलिया निवासी भांवरकोल ब्लाक प्रमुख सरिता राय का प्रतिनिधि ददन पांडेय शामिल है। तलाशी लेने पर इनके पास से एक 32 बोर का रिवाल्वर, एक 315 बोर का कट्टा, नाइन एमएम की मैग्जीन, 315 बोर का तीन और एसएलआर का तीन जिंदा कारतूस बरामद हुआ।
एसपी ने बताया कि क्राइम ब्रांच की टीम और भांवरकोल पुलिस की ओर से मामले की विवेचना एवं जांच में यह तथ्य सामने आया कि जिला जेल में निरुद्ध अंगद राय का भतीजा आशीष राय उर्फ सिंटू ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है। बिरजू प्रधानी के चुनाव के लिए आनंद राय उर्फ पहलवान का सहयोग कर रहा था। हरिनारायण यादव के माध्यम से अंगद राय ने बिरजू को जेल में बुलवाया और चुनाव में अपने भतीजा सिंटू राय का सहयोग करने को कहा, लेकिन बिरजू ने सहयोग करने से इंकार कर दिया।
इससे नाराज होकर अंगद राय ने जेल से बिरजू की हत्या की साजिश रची। हत्या में सिंटू राय, ददन पांडेय, सियाराम राय एवं हरिनारायण यादव ने अपने साथ रह रहे फरार कुख्यात अपराधी विकास खरवार एवं उसके एक साथी सैदपुर निवासी राजू शामिल रहे। 28 मई को बिरजू के ब्लाक पर जाने की सूचना हरिनारायण यादव द्वारा कुंडेसर बाजार में पहले से मौजूद फरार अपराधी विकास खरवार एवं उसके साथी राजू को दी गई। दोनों ने कुंडेसर जाते समय रास्ते में बिरजू की गोली मारकर हत्या कर दी थी और बाइक से भाग गए थे।