गाजीपुर। राशन कार्ड में दर्ज सभी यूनिटों की ई-केवाईसी कराई जा रही है। कई बार समय सीमा बढ़ाने के बाद भी जिले में यह काम पूरा नहीं हो पाया है।
शासन की ओर से इसके लिए निर्धारित 30 जून की अंतिम तिथि तक 84 प्रतिशत से कुछ अधिक यूनिटों की ही ई-केवाईसी हो सकी है। यानी 4.53 लाख लाभार्थी सदस्यों ने ई-केवाईसी नहीं करवाई है।
फर्जी राशन कार्ड की शिकायतों पर सरकार लाभार्थियों की ई-केवाईसी करा रही है।
राशनकार्ड यूनिटों में पारदर्शिता लाने के लिए उसमें दर्ज सभी सदस्यों की बीते वर्ष जून से ई-केवाईसी कराई जा रही है। ई-केवाईसी का उद्देश्य राशन कार्ड धारकों की पहचान को सत्यापित करना है। इससे यह पुष्टि हो जाएगी कि कार्ड में दर्ज सभी नाम वर्तमान में हैं।
जिले में वर्तमान में छह लाख 38 हजार 355 कार्ड धारक और उसमें 27 लाख 88 हजार 780 यूनिट दर्ज हैं।
इसमें 59 हजार 537 अंत्योदय कार्ड के दो लाख 28 हजार 14 यूनिट और पात्र गृहस्थी के 578818 कार्ड के 2585966 यूनिट हैं।
सदस्यों की उदासीनता का नतीजा है कि अब तक 84.24 फीसदी यानी 23 लाख 35 हजार 562 यूनिट की ही ई-केवाईसी हो सकी है।
इस कार्य के लिए शासन की ओर से पहले 31 दिसंबर की समयसीमा निश्चित की गई थी।
उस दौरान कार्य पूरा न होने पर 31 मार्च तक की अवधि निर्धारित की गई।
इसके बाद समय सीमा 30 अप्रैल और उसके बाद 30 जून निश्चित की गई लेकिन इसके बाद भी चार लाख 53 हजार 218 लोगों ने ई-केवाईसी नहीं कराई। ऐसे में अगर समय सीमा नहीं बढ़ी तो कार्डधारकों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है।