वरिष्ठ पत्रकार, समाजसेवी पद्मश्री तीस्ता सीतलवाड ने कहा कि आज लोकतंत्र की स्थापना प्रक्रिया में संविधान के ढांचे की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जागरुकता की कमी के कारण हमारे संवैधानिक अधिकार हमसे छीने जा रहे हैं।
संविधान जागृति आंदोलन की ओर से सैयदबाड़ा स्थित एक पैलेस में गुरुवार को लोकतंत्र की मजबूती में हमारी भूमिका विषयक संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि संविधान निर्माण में डा. अंबेडकर के विचारों और उनके योगदानों पर हमें गर्व करना चाहिए।
अगर संविधान प्रदत्त अधिकारों के विरुद्ध कोई नीति बनती है तो सबको इसका विरोध करना होगा। समाजसेविका सुश्री मुनीजा खान ने एक अच्छे नागरिक के कर्तव्य पर प्रकाश डालते हुए महात्मा गांधी के विचारों पर बल दिया।
मऊ नगरपालिका अध्यक्ष अरशद जमाल ने पदमश्री सीतलवाड के हौसलों भरे सफर के बारे में लोगों से परिचित कराते हुए उन्हें इस मुहिम के लिए बधाई दी।
पूर्व सांसद विश्वनाथ शास्त्री ने संविधान जागृति मुहिम में युवाओं को आगे आने का आह्वान किया। कार्यक्रम के संयोजक तथा नागर समाज संगठन ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक शमीम अब्बासी ने सेमिनार के उद्देश्यों के बारे में प्रकाश डालते हुए कहा कि
यह सेमिनार नागरिकों को एक अच्छे नागरिक होने के एहसास दिलाने की एक पहल है। सेमिनार में सामाजिक संतुलन तथा लोकतंत्र की रक्षा विषयक किताब हौसला नामक पुस्तक का विमोचन किया गया।
इस अवसर पर सीताराम पांडेय, शफीक अहमद, मो. रसीद, ब्रजभूषण सिंह, शमीउल्लाह, वसीम अब्बासी, रमेश यादव, अर्सी फातिमा, फरहीन अब्बासी, मनोज तिवारी, जवाहरलाल, वहीद चौधरी, चौहीद अब्बासी उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन मौलाना नज्मुस्साकिब अब्बासी और मौलाना नईमुद्दीन गाजीपुरी ने किया।