भांवरकोल क्षेत्र के कुंडेसर चट्टी पर 24 वर्ष पूर्व हुए तिहरे हत्याकांड के मामले में शनिवार को आरोपी बृजेश सिंह और त्रिभुवन सिंह को फास्ट ट्रैक कोर्ट रूपेश रंजन की अदालत में पेश किया गया। इस दौरान चार गवाहों की गवाही पूरी हुई। इस तरह इस मामले में छह गवाहों की गवाही पूरी हो गई। विवेचक का बयान होना है। अदालत ने विवेचक को तलब करने का आदेश देते हुए गवाही के लिए 10 फरवरी की तिथि मुकर्रर की।
भांवरकोल थाना क्षेत्र के कुंडेसर चट्टी पर दो मई 1991 को रात नौ बजे तत्कालीन विधानसभा सदस्य प्रत्याशी अफजाल अंसारी के प्रचार वाहन पर अंधाधुंध फायरिंग की गई। इसमें कुंडेसर चट्टी के एक दूकानदार समेत तीन लोगों झिंगुरी साहू, सुरेंद्र राय और कमला सिंह की मौत हो गई थी और जगन्नाथ सिंह, दीनानाथ राय एवं रामेश्वर घायल हुए थे। इस मामले में थाना भांवरकोल में रिपोर्ट अताउर्रमान ने दर्ज कराई थी। इसमें वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये गवाहों की गवाही हुई थी। मुकदमा अंतिम दौर में था कि इसी दौरान जगन्नाथ सिंह की ओर से हाईकोर्ट में
प्रार्थनापत्र दिया गया कि गवाहों को न्यायालय में तलब कर साक्ष्य लिया जाए। हाईकोर्ट ने मामले को विचारण त्वरित गति से तीन माह में निस्तारित और गवाही के समय आरोपियों को कोर्ट में उपस्थित करने का आदेश दिया था। इस मामले में गवाह दीनानाथ, नर्वदेश्वर सिंह, रामजीत यादव और वीरेंद्र गौड़ की गवाही पूरी हुई। आरोपी त्रिभुवन सिंह और बृजेश सिंह की ओर से अर्जी दी गई कि उन्हें प्रत्येक तिथि पर पेश किए जाने से खतरा और आने-जाने में परेशानी है, इसलिए उनकी हर तारीख पर उपस्थिति से मुक्त किया जाए। इस पर अदालत ने सुनवाई के बाद खतरे की आशंका को देखते हुए सुविधा की दृष्टि से दोनों आरोपियों को अगली तिथियों पर उपस्थिति से मुक्त करते हुए अधिवक्ता के जरिये उपस्थित होने का आदेश दिया।