भूमि अधिग्रहण कानून को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा के तेवर तल्ख हैं। गुरुवार को कार्यकर्ताओं ने सिटी रेलवे स्टेशन से जुलूस निकाला। नारेबाजी करते हुए उन्होंने लंका पहुंचकर चक्काजाम किया। करीब 20 मिनट चक्काजाम करने के बाद उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव कर धरना दिया और किसान विरोधी कानून के खिलाफ आवाज बुलंद की।
धरना सभा में प्रदेश किसान सभा के महामंत्री पूर्व विधायक राजेन्द्र यादव ने कहा कि देश का किसान दोहरी मार झेल रहा है। एक तरफ किसानों की भूमि को पूंजीपतियों को देने की साजिश की जा रही है वहीं दूसरी तरफ दैवी आपदा से पीडि़त सभी किसानों को मुआवजा देने में लेखपाल, तहसीलदार के भ्रष्टाचार से आम किसान त्रस्त है।
पूर्व सांसद विश्वनाथ शास्त्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का झूठ अब जनता के सामने आ गया है। जिस बिल का भाजपा ने संसद में समर्थन किया था आज कारपोरेट घरानों के दबाव में उसे बदलने की तैयारी कर रही है। जिला संयोजक प्रो. केएन सिंह ने कहा कि उद्योगों से बनने वाले सामानों की कीमत कंपनियों के मालिक तय करते हैं लेकिन किसानों के उत्पादन का मूल्य सरकार तय करती है।
देश में पहले से ही 40 करोड़ नौजवान बेरोजगार हैं। भूमि अधिग्रहण बिल लागू होने के बाद बड़ी संख्या में बेरोजगारी बढ़ेगी। इस अवसर पर पूर्व विधायक जयराम सिंह, रामबदन सिंह, अखिलेश राय, राजदेव यादव, अमेरिका सिंह यादव, चंचल सिंह, जनार्दन राम, कृपाशंकर सिंह, अशोक मिश्र, प्रेमनाथ गुप्त, योगेन्द्र दुबे, सुरेन्द्र राम, रामअवतार, विरेन्द्र यादव, किसमती, भोला खां तथा रविन्द्र कुशवाहा ने विचार व्यक्त किए।
जाम में फंसे लोग
अखिल भारतीय किसान सभा की तरफ से गुरूवार को केन्द्र सरकार के भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के खिलाफ जुलूस निकालकर लंका के पास चक्काजाम कर दिया गया। इसके चलते गाजीपुर-वाराणसी मार्ग पर यातायात बाधित हो गया। करीब बीस मिनट तक रहे जाम की वजह से जरूरी कार्यों के सिलसिले में निकले लोगों की फजीहत हुई। तेज धूप की वजह से लोग परेशान रहे। जंगीपुर निवासी अमरेन्द्र, आमघाट निवासी छोटू तथा सकलेनाबाद निवासी शीला समय से गंतव्य पर नहीं पहुंच पाए।