गाजीपुर। जिले के सोलह विकास खंडों में ‘किसान कल्याण केंद्र’ स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। कृषि विभाग की इस पहल से किसानों को एक ही छत के नीचे खाद-बीज एवं कृषि रक्षा रसायन आसानी से उपलब्ध होंगे। केंद्र खोलने के लिए सदर तहसील में भवन तैयार है। जबकि मरदह में निर्माणाधीन है और सादात में भूमि चिह्नित कर नक्शा बनने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इतना ही नहीं मुहम्मदाबाद, कासिमाबाद और रेवतीपुर में कृषि विभाग की टीम जमीन तलाश रही है। जिले में दो लाख 53 हजार हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि पर चार लाख आठ हजार किसान रबी एवं खरीफ की फसलों के साथ सब्जी तथा अन्य फसलों की खेती करते हैं। उन्हें खाद-बीज व फसलों और गुणवत्ता पूर्ण दवाईयों के लिए भटकना पड़ता है। यही नहीं विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए कृषि विभाग अथवा बंशी बाजार स्थित कृषि भवन का चक्कर लगाना पड़ता है। ऐसे में किसानों को एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए कृषि कल्याण केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। नगर स्थित जिला भूमि संरक्षण एवं कृषि सुधार कार्यालय परिसर में किसान कल्याण केंद्र का भवन बनकर तैयार हो चुका है। जिस पर 80 लाख रुपये की लागत आई है। भवन में एक मीटिंग हाल, तीन से चार कमरे, बाथरूम व शौचालय भी हैं। इसके अलावा गोदाम भी बनाया जा रहा है, जहां खाद-बीज व कृषि रक्षा रसायन का बेहतर भंडारण किया जा सके। जिला कृषि अधिकारी मृत्युंजय सिंह ने बताया कि सदर विकास खंड में किसान कल्याण केंद्र का भवन बनकर तैयार है। अन्य विकासखंडों में भी जल्द ही केंद्र स्थापित करने की कवायद शुरू की जाएगी, जिससे किसानों को लाभांवित किया जा सके।
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किसानों के ठहरने की रहेगी उत्तम व्यवस्था
गाजीपुर। किसान कल्याण केंद्र में किसानों की ठहरने की बेहतर व्यवस्था की गई है। अब तक अन्य जनपदों व दूर-दराज से आए किसानों को जिले में प्रवास के लिए काफी दिक्कत उठानी पड़ती है। ऐसे में किसान कल्याण केंद्र में जहां आसानी से ठहर सकेंगे। वहीं मीटिंग हाल में बैठकर योजनाओं की चर्चा-परिचर्चा करने के साथ कृषि वैज्ञानिकों के सुझाव व फसल की उत्पादकता बढ़ाने की जानकारी ले सकेंगे।
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भवन तक पहुंचने का नहीं बना रास्ता
गाजीपुर। नगर के जिला भूमि संरक्षण एवं कृषि सुधार कार्यालय परिसर में बनकर तैयार किसान कल्याण केंद्र के भवन तक पहुंचने के लिए अब तक रास्ता नहीं बन सका है। चारों तरफ जंगली घास उगने से किसानों को आने-जाने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। हालांकि केंद्र अब तक संचालित नहीं हो सका है।
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