मुहम्मदाबाद। तहसील परिसर में बैठने वाले स्टांप विक्रेता को सोमवार को लेखपाल का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर किसान को खेसरा जारी करना मंहगा पड़ा। तहसीलदार ने उसे गलती पर जमकर फटकार लगाई तथा अगली बार जेल भेजवाने की चेतावनी देकर छोड़ दिया।
मुहम्मदाबाद तहसील परिसर में बैठकर स्टांप बेचने वाले एक व्यक्ति ने एक किसान को डेहमा क्षेत्र के लेखपाल दीनानाथ यादव का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर खेसरा जारी कर दिया। किसान उस खेसरा को लेकर जब किसी काम से लेखपाल के पास पहुंचा तो फर्जी हस्ताक्षर देखकर वह चकित रह गया। वह किसान को लेकर तथा फर्जी खेसरा के साथ तहसीलदार के सम्मुख पेश हुआ। किसान के बताने पर तहसीलदार ने फर्जीवाड़ा करने वाले स्टांप विक्रेता को बुलाया और उसे डांट पिलाते हुए पुलिस के हवाले करने की बात कही। स्टांप विक्रेता गलती स्वीकार करते हुए रोने, गिड़गिड़ाने लगा और कहा कि मैं हार्ट का मरीज हूं और जेल चले जाने पर मेरा परिवार भूखों मर जाएगा। तहसीलदार श्रीधर चौरसिया ने दया दिखाते हुए उसे पुन: इस तरह की गलती नहीं करने की हिदायत देते हुए उठक-बैठक कराकर छोड़ दिया। तहसील परिसर में फर्जीवाड़ा करके भोले-भाले किसानों को ठगने वाले काफी दलाल सक्रिय हैं।