दुबिहा के संत खड़ेश्वरी बाबा रामलीला मंच गंगा पार कराने की लीला मंचन करते कलाकार। संवाद
दुबिहा। बाजार स्थित संत खड़ेश्वरी बाबा रामलीला मंच पर मंगलवार को केवट संवाद, सूर्पणखा की नाक कटाई और खर-दूषण वध की रामलीला का भावपूर्ण मंचन किया गया। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष गौतम राय ने बताया कि रामलीला में जब भगवान श्रीराम गंगा पार करने के लिए नदी तट पर पहुंचे, तो केवट ने उन्हें पहचान लिया।
केवट ने भगवान श्रीराम के चरण पखारने के बाद उन्हें नाव से गंगा पार कराया। इस प्रसंग में केवट की अनन्य भक्ति, प्रेम और समर्पण का सुंदर चित्रण किया गया। भगवान श्रीराम और केवट के बीच हुए संवाद ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इस प्रसंग के माध्यम से कलाकारों ने संदेश दिया कि भगवान के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्कपट प्रेम ही भक्ति का वास्तविक स्वरूप है। इसके बाद पंचवटी में सूर्पणखा के आगमन का प्रसंग प्रस्तुत किया गया। भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को देखकर सूर्पणखा उन पर मोहित हो जाती है और विवाह का प्रस्ताव रखती है। भगवान श्रीराम के समझाने के बाद वह लक्ष्मण के पास पहुंचती है। सूर्पणखा की अनुचित जिद और उसके व्यवहार से प्रसंग आगे बढ़ता है। अंत में लक्ष्मण द्वारा सूर्पणखा की नाक काटने की लीला का मंचन किया गया। रामलीला के दौरान कलाकारों के संवाद, युद्ध के दृश्य और सजीव अभिनय ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा।