जमानियां। सुहागिनों का प्रमुख पर्व करवा चौथ शुक्रवार को मनाया जाएगा। इसको लेकर विवाहिताओं में उत्साह का माहौल है। कई नवविवाहिताएं पहली बार व्रत रखेंगी, वहीं जिनके पति परदेस, महानगरों या ड्यूटी पर दूर हैं, वो वीडियो कॉल से अपने पति का दीदार करेंगी। पति की दीर्घायु और दांपत्य सुख की कामना के लिए रखा जाने वाला यह व्रत सुहागिनों के जीवन का सबसे पावन पर्व माना जाता है।
मेरा पहला करवा चौथ है। इसके लिए कई दिनों से तैयारी कर रही हूं।किताबों के साथ सोशल साइटों पर जाकर क्या व कैसे करना है, इसे सर्च किया है। इस व्रत को लेकर थोड़ी सी घबराहट भी है। यह दिन हर शादीशुदा महिला के लिए बहुत खास होता है, खासकर जब आप नवविवाहित हों।- अनुप्रिया सिंह, बरुइन
हाल ही में विवाह बंधन में बंधी हूं। पहली बार करवाचौथ का व्रत रखूंगी। अपनी मां और दादी को ये व्रत करते देखा है। अब खुद पहले बार व्रत रखने का अवसर आया है। मन में विशेष उत्साह है। यह दिन पति-पत्नी के रिश्ते को और मजबूत बनाता है।- किरन यादव, रेलवे स्टेशन रोड
करवा चौथ की तैयारियां कई दिन पहले से शुरू कर दी हूं। साड़ी, शृंगार और पूजा की थाली को विशेष रूप से सजा रही हूं। पर्व के लिए बहुत उत्साहित हूं। करवाचौथ केवल व्रत नहीं, बल्कि प्रेम और समर्पण का प्रतीक है। विम्मी सिंह, वरुइन
पहली बार करवाचौथ का व्रत रखूंगी। पति की लंबी उम्र के लिए भगवान से प्रार्थना करूंगी। यह पर्व केवल परंपरा नहीं बल्कि आस्था और प्रेम का प्रतीक है। यह व्रत हर स्त्री के लिए आत्मबल और समर्पण का प्रतीक है।-रीना शर्मा, स्टेशन रोड
ससुराल जमानिया में है, पति लेखापाल है। शिक्षण कार्य में व्यस्तता के चलते वो ससुराल नहीं जाऊंगी, मुद्देपुर में करवा चौथ का व्रत रखूंगी। वीडियो कॉल से अपने पति का दीदार कर लूंगी। दूरी हमारे प्रेम को कम नहीं कर सकती, बल्कि यह रिश्ते की मजबूती को और बढ़ाती है। तकनीक ने अब भावनाओं को और करीब ला दिया है।- प्रतिभा गौतम, शिक्षिका, प्राथमिक विद्यालय मुद्देपुर, बिहार