शहर सहित जिले के ग्रमीण क्षेत्रों में विश्वकर्मा जयंती परंपरागत ढंग से गुरुवार को मनाई गई। कई निजी एवं यांत्रिक शालाओं में जहां देवशिल्पी की तस्वीर लगाकर उन्हें पूजा गया, वहीं कई स्थानों पर मूर्ति की स्थापना कर विधिवत हवन
किया गया। नलकूप खंड, सिंचाई विभाग वर्कशाप, रोडवेज, पीडब्लूडी आदि यांत्रिक शालाओं सहित कई निजी प्रतिष्ठानों में भगवान विश्वकर्मा की मूर्ति की स्थापना की गई। सुबह पूजन-अर्चन का कार्यक्रम शुरूकिया गया, जो हवन-पूजन के बीच
घंटों चलता रहा। हवन-पूजन के बाद प्रतिमाओं के पट खोले गए। इसके बाद लोगों में प्रसाद का वितरण किया गया। सुबह से लेकर देर रात तक भजन-कीर्तन का कार्य चलता रहा। कई स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया
गया। घरों में लोगों ने बड़े वाहनों सहित मोटरसाइकलों की साफ-सफाई कर देव शिल्पी से उसे ठीक रखने की कामना की। कासिमाबाद, भांवरकोल, करीमुद्दीनपुर, ताजपुर डेहमा, दुबिहा, मुहम्मदाबाद, सिधागरघाट, गहमर, भदौरा, दिलदारनगर,
जमानिया, मतसा, सुहवल, करंडा, दुल्लहपुर, बिरनो, मरदह, जंगीपुर, नंदगंज, सैदपुर, खानपुर, देवकली, बहरियाबाद, शादियाबाद, सादात, भीमापार सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में भगवान विश्वकर्मा की जयंती की धूम मची रही।
उपकेंद्रों पर पूजे गए आदि शिल्पी
गाजीपुर। तलवल, अंधऊ, प्रकाशनगर, पीरनगर और रौजा विद्युत उपकेंद्रों पर भी विश्वकर्मा जयंती की धूम रही। कर्मचारियों
और अधिकारियों ने शिल्पदेव की तस्वीर के सामने हवन-पूजन किया। इसके बाद लोगों में प्रसाद का वितरण किया गया। जयंती को लेकर उपकेंद्रों पर उत्सव जैसा माहौल रहा। प्रकाशनगर उपकेंद्र पर शाम को भोज का आयोजन किया गया,
जिसमें विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों सहित अन्य लोगों ने भाग लिया। इस मौके पर नगर एसडीओ अभिषेक मिश्रा, उपकेंद्र के जेई अकबर अली, एसएसओ मनोज, रामजी, रामबचन, कमलेश, लाइनमैन विजय, महेंद्र, प्रेमशंकर राय, मिठाई
सहित अन्य कर्मचारी मौजूद थे।