गाजीपुर। भीषण ठंड से बुजुर्गों में जोड़ों के दर्द की समस्या बढ़ गई है। प्रतिदिन करीब 100 मरीज अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। हृदय रोगियों, कब्ज और सांस के मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। वहीं, उच्च रक्तचाप के 30 से 40 मरीज ओपीडी में आ रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. अवनीश मिश्रा ने बताया कि ओपीडी में 60 वर्ष से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों की तादात ठंड शुरू होते ही बढ़ गई है। इस समय जोड़ों के दर्द से पीड़ित 100 बुजुर्ग पहुंच रहे हैं। कई ऐसे मरीज भी आ रहे हैं, जिनकी पीड़ा असहनीय हो गई है।
मेडिसिन विभाग के सहायक आचार्य डॉ. स्वतंत्र सिंह ने बताया कि ठंड के मौसम में खानपान का ख्याल न रखने पर यह सेहत के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। ऐसे में कब्ज की शिकायत अधिक देखने को मिल रही है। खासकर गैस से पीड़ित भी बड़ी संख्या में आ रहे हैं। लापरवाही सांस के मरीजों के लिए घातक हो सकती है। 15 से 20 हृदय रोगी आ रहे हैं, जबकि उच्च रक्तचाप के मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। इसलिए ठंड से बचने और सतर्क रहने की जरूरत है।
ठंड की वजह से हड्डी, पेट, हृदय और रक्तचाप के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। इस समय लोगों को ठंड से बचने और एहतियात बरतने की सलाह दी जाती है। - प्रो. आनंद मिश्रा, प्राचार्य महर्षि विश्वामित्र स्वशासी मेडिकल कॉलेज गाजीपुर
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बंद कमरे में अंगीठी न जलाने की सलाह
बिरनो। सीएचसी प्रभारी डॉ. सीपी मिश्रा ने बताया कि ठंड के मौसम में बीपी, शुगर और कोल्ड डायरिया के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। वहीं, आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रही हैं। ठंड से बचने के लिए बंद कमरे में कोयला या लकड़ी की अंगीठी न जलाने की सलाह दे रही है। बताया कि कमरे में सोते समय लोग दरवाजा खिड़की बंद कर देते हैं, जिससे ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है। इससे कमरे में मौजूद लोग बेहोश हो जाते हैं। इसलिए बंद कमरे में आग नहीं जलागी चाहिए। संवाद
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तापमान गिरते ही पाचन क्रिया होने लगती है सुस्त
गाजीपुर। डाॅ. स्वतंत्र सिंह ने बताया कि ठंड के मौसम में तापमान गिरते ही शरीर की पाचन क्रिया सुस्त पड़ने लगती है। ठंड के कारण शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं। इससे भोजन ठीक से नहीं पच पाता। इससे गैस, अपच, कब्ज और पेट भारी रहने की समस्याएं आती हैं। इसलिए खानपान और दिनचर्या पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
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ऐसे करें बचाव...
0 ठंड में जोड़ों में दर्द से बचने के लिए शरीर को गर्म रखें।
0 गर्म कपड़े पहनें, नियमित व्यायाम करें।
0 पौष्टिक आहार लें, गर्म तेल से मालिश और हीटिंग पैड का उपयोग करें।
0 लंबे समय तक एक जगह बैठने से बचें, दर्द बढ़े तो डॉक्टर से सलाह लें।
0 हल्का और गर्म भोजन करें।
0 फाइबर युक्त आहार, दही-छाछ का सेवन और घरेलू मसालों का उपयोग करें।
0 तले-भुने खाने से परहेज करें।
0 भोजन हमेशा तय समय पर करें।