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जनआंदोलनों से ही होगा सकारात्मक बदलाव

Sun, 15 Feb 2015 10:45 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
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दिल्ली स्थित अंबेडकर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डा. गोपाल प्रधान ने कहा कि ग्रीस में वामपंथी सिरिजा की जीत और स्पेन में होने वाले चुनाव में वामपंथियों की जीत की संभावना पूंजीवादी जगत के संकट को अभिव्यक्त कर रही है। आने वाले दशकों में नव उदारवादी नीतियों के चलते दुनिया के एक प्रतिशत के पास 99 प्रतिशत लोगों से ज्यादा पूंजी संकेंद्रित हो जाएगी। उन्होंने कहा कि पूंजीवादी लोकतंत्र फासीवाद को पैदा करता है।
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स्टेशन रोड स्थित भारद्वाज भवन में आयोजित गोष्ठी में उन्होंने कहा कि देश के अंदर भी ऐसी ही स्थिति है। आज एक ओर कारपोरेट परस्त नीतियों को बढ़ावा दिया जा रहा है तो दूसरी ओर प्रेम की जगह नफरत फैलाया जा रहा है।

कहा कि किसानों के खिलाफ भू-अधिग्रहण अध्यादेश और मजदूरों के खिलाफ श्रम कानूनों में संशोधन के चलते आंदोलनों की सुगबुगाहट भी सुनाई दे रही है। कहा कि दिल्ली का परिवर्तन सकारात्मक है, लेकिन बदलाव जनांदोलनों की लहर पर ही होगा। लोकतंत्र के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सामाजिक ढांचे में बदलाव के बिना लोकतंत्र मजबूत नहीं हो सकता। इस मौके पर डा. धर्मनारायण मिश्र, जितेंद्रनाथ घोष, राजेश कुमार, श्रीकांत मौर्य, डा. फतहमोहम्मद, बालेश्वर विक्रम, जफर गाजीपुरी ने विचार व्यक्त किया।
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अध्यक्षता डा. पीएन सिंह और संचालन रामविजय यादव तथा आभार संयोजक सगीर अहमद ने व्यक्त किया। अंत में जेएनयू के प्रो. तुलसी राम के निधन उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
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