मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण ने मंगलवार को सदर तहसील में तहसील दिवस पर आने वाली शिकायतों पर की गई कार्रवाई की समीक्षा की। तमाम शिकायतों का समय से निस्तारण नहीं होने पर ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक और बेसिक शिक्षा अधिकारी समेत छह विभागों के अधिकारियों को चेतावनी दी।
उनसे तेज गति से लंबित मामलों का निपटारा करने को कहा। तहसील दिवस पर जिले के सभी पांच तहसीलों में कुल 481 शिकायती पत्र प्राप्त हुए, जिसमें 40 का मौके पर ही समाधान किया गया।
सदर में मुख्य तहसील दिवस मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण की अध्यक्षता में हुई। यहां 166 फरियादियों ने अपनी शिकायत दर्ज कराई जिसमें 25 का मौके पर ही निस्तारण किया गया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों के अफसरों को सौंपते हुए जिलाधिकारी डॉ. अशोक चंद्र ने एक सप्ताह के अंदर निस्तारित करने का निर्देश दिया।
मंडलायुक्त ने लंबित शिकायतों की समीक्षा के दौरान इस मामले में अधिकारियों की उदासीनता पर चिंता जताई। परियोजना निदेशक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, सिंचाई, समाज कल्याण अधिकारी, प्रोवेशन अधिकारी चेतावनी दी कि वे लंबित मामलों का तेजी से निस्तारण करें।
जखनिया तहसील में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित तहसील दिवस में 35 मामले आए जिसमें एक का मौके पर निस्तारण किया गया। सैदपुर तहसील में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 128 आवेदन पत्र प्राप्त हुए जिसमें से छह का निस्तारण किया गया, मुहम्मदाबाद तहसील में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 90 आवेदन पत्र आए जिसमें पांच आवेदन पत्रों का मौके पर निस्तारण किया गया।
इसी प्रकार जमानियॉ तहसील में उपजिलाधिकारी धीरेंद्र प्रताप की अध्यक्षता में 62 शिकायती पत्र आए जिसमें तीन का मौके पर निस्तारण किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक राम किशोर, उपजिलाधिकारी नेहा प्रकाश, क्षेत्राधिकारी सदर, तहसीलदार सदर ब्रजेश कुमार वर्मा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।