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Ghazipur News: सहकारी समितियों पर नहीं खुले जन औषधि केंद्र, अधिकारी बोले-बी-फार्मा किए युवक नहीं मिले

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मौधा स्थित साधन सहकारी समिति के गेट पर लटका ताला। संवाद
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गाजीपुर। डेढ़ वर्ष पहले सहकारिता विभाग की ओर से दावा किया गया था कि साधन सहकारी समितियों पर अब प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र की सुविधा भी मिलेगी। इससे ग्रामीणों को सस्ते दर पर विभिन्न प्रकार की दवाएं मिल सकेंगी। लेकिन डेढ़ वर्ष बाद भी जनपद के किसी भी एक साधन सहकारी समिति पर केंद्र की सुविधा शुरू नहीं हो पाई। अधिकारियों से इसकी वजह पूछी तो पता चला कि जन औषधि केंद्र की सुविधा शुरू न हो पाने की वजह बी-फार्मा किए हुए युवकों का नहीं मिल पाना है।
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नतीजतन आज भी ग्रामीण पहले की तरह महंगे दामों पर दवाओं की खरीदारी के लिए मेडिकल स्टोरों पर निर्भर हैं। जिले में 185 साधन सहकारी समितियां हैं। शासन के निर्देश पर डेढ़ वर्ष पहले सहकारिता विभाग की ओर से साधन सहकारी समितियों को स्मार्ट बनाने का खाका तैयार किया गया था। इसके तहत तय हुआ कि साधन सहकारी समितियों पर केवल खाद का वितरण न किया जाए, बल्कि इनके माध्यम से ग्रामीणों को अन्य सुविधाओं का लाभ भी दिया जाए। इसी कड़ी में एक अहम निर्णय लिया गया कि साधन सहकारी समितियों पर प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र की सुविधा भी शुरू की जाएगी। इससे जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली करीब 38 लाख की आबादी को लाभ मिलेगा। लेकिन डेढ़ वर्ष बाद भी विभाग यह सुविधा शुरू कराने में पूरी तरह से फेल साबित होता दिख रहा है।
दवा तो छोड़िए, खाद भी नहीं मिल रही
केस एक
हैदरगंज साधन सहकारी समिति पर दोपहर एक बजे ताला लटका नजर आया। अभी किसानों को धान की फसल के लिए खाद की जरूरत है। लेकिन मौके पर पता चला कि न तो खाद का वितरण हो रहा है और न ही प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का संचालन।
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मौके पर पसरा रहा सन्नाटा
केस दो

बहुउद्देशीय ग्रामीण सहकारी समिति भीमापार पर भी हैदरगंज की तरह ही स्थिति नजर आई। तालाबंद होने के साथ ही मौके पर सन्नाटा पसरा नजर आया। ग्रामीण रामअवध व रमेश प्रसाद ने बताया कि जब समिति बंद रहती है तो फिर खाद मिलने की बात ही करना बेमानी है। आज तक प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का संचालन शुरू नहीं हो पाया।

साधन सहकारी समितियों पर अक्सर ताला बंद रहता है। ऐसे में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के संचालन की बात ही करना बेमानी है। - अनिरुद्ध सिंह, बिजौरा

साधन सहकारी समिति पर प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का संचालन नहीं होता है। अगर संचालन होता, तो सस्ती दर पर दवा मिलने का लाभ मिलता। - आनंद जायसवाल, भीमापार

शासन की ओर से जनहित में कई योजनाएं संचालित की जाती हैं, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण वह धरातल पर मूर्त रूप नहीं ले पाती हैं।- राजा सिंह, मौधा

साधन सहकारी समितियों पर प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र की सुविधा शुरू न हो पाने की वजह बी-फार्मा किए हुए युवकों का नहीं मिल पाना है। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।- विपिन कुमार सिंह, एआर कोआपरेटिव

मौधा स्थित साधन सहकारी समिति के गेट पर लटका ताला। संवाद

मौधा स्थित साधन सहकारी समिति के गेट पर लटका ताला। संवाद

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