मनोज सिन्हा ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद नये भारत का विकास हो रहा है। इस भारत में धार्मिक विरासत और आध्यात्मिक ताकत भी होगी। दुनिया में भारत की पहचान बौद्धिक क्षमता के कारण ही रही है। वहीं यूपी में भी पिछले पांच वर्ष में बड़ा बदलाव आया है। जो चारों तरफ दिखाई पड़ रहा है। बेरोजगारी की दर 17 से 4 फीसदी रह गई है। निवेश में 57वें स्थान से प्रदेश दूसरे स्थान पर पहुंच गया।
कभी बीमारू राज्य के रूप में गिना जाने वाला यूपी नीति आयोग की रैंकिंग में अपना स्थान बना रहा है। प्रदेश में दिशाहीनता का माहौल पहली बार समाप्त हुआ है। अनेक वर्षों तक विकास की कतार में खड़े आखिरी लोगों के लिए सिर्फ नारेबाजी हुई उनको फायदा पहुंचाने की कोशिश नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि मेरे मन में गाजीपुर के लिए शांति, सौहार्द, संपन्नता, सामाजिक न्याय और विकास की ज्योति अभी भी जलती है। आपको टेलीविजन और सोशल मीडिया पर जो आवाज सुनाई पड़ती है वो असल में गाजीपुर का गर्जन है। दिल्ली, जम्मू, कश्मीर या कहीं भी रहूं मेरे दिल में गाजीपुर की चिंगारी जलती है। इससे पूर्व उन्होंने सहरमाडीह में किनवार कीर्ति स्तंभ का उद्घाटन किया।