गाजीपुर। जिले में गेहूं खरीद की हालत पतली है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 1.33 फीसदी यानी 1466 मीट्रिक टन से कुछ अधिक की खरीद की जा सकी है। जबकि खरीद शुरू हुए करीब पचास दिन हो गए हैं।
जिले के कई क्रय केंद्रों के 38 क्रय केंद्रों की अब तक बोहनी तक नहीं हुई है। इसके पीछे बाजार भाव भले ही कारण बताया जा रहा है लेकिन जो स्थिति है उससे निर्धारित अवधि में लक्ष्य पूरा कर पाना किसी चुनौती से कम नहीं होगा।
शासन की ओर से जिले को इस बार एक लाख 10 हजार 600 एमटी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए विभिन्न संस्थाओं के 91 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इसमें खाद्य विभाग के 20, एपीओ-एफपीसी एक, पीसीएफ 14, यूपीपीसीयू 24, एनसीसीएफ 10, नेफेड एवं मंडी समिति चार-चार, यूपीएसएस आठ तथा भारतीय खाद्य निगम के छह केंद्र शामिल हैं। एफसीआई के एक और केंद्र का प्रस्ताव दिया गया है। समर्थन मूल्य 2275 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित है।
जिले में देर से आवक होने के कारण इस महीने के दूसरे सप्ताह में खरीद की शुरुआत हुई। खरीद शुरू हुए करीब 50 दिन हो गए लेकिन इसमें तेजी नहीं आ रही है, जबकि विभागीय अधिकारियों की तरफ से गांव-गांव भ्रमण कर किसानों को केंद्र पर गेहूं की बिक्री के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके बाद भी किसान क्रय केंद्रों का रुख नहीं कर रहे हैं।
यही वजह है कि अब तक 1466.437 एमटी की खरीद हुई है। यह खरीद विभिन्न संस्थाओं के 53 क्रय केंद्रों पर हुई है, जबकि 38 क्रय केंद्रों गेहूं नहीं खरीदा गया है। एपीओ-एफपीसी एवं पीसीएफ का एक-एक, यूपीपीसीयू के 19, एनसीसीएफ आठ, नेफेड दो तथा यूपीएसएस के सात केंद्रों की बोहनी तक नहीं हुई है। विभाग की मानें तो अब तक 290.950 लाख रुपये किसानों को भुगतान किया गया है, जबकि 45.60 लाख अभी अवशेष है। जिसका भुगतान जल्द कर दिया जाएगा। मालूम हो कि बीते वर्ष अब तक 560.300 एमटी खरीद हुई थी।