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अपने लाल को खोने का है गम

Sat, 26 Nov 2016 10:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,गाजीपुर
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शहीद शंशाक कुमार सिंह की शहादत के बाद शनिवार को भी नसीरूद्दीनपुर गांव में खामोशी छाई रही। शशांक की शहादत की खबर बीते मंगलवार की देर शाम जैसे ही परिजनों को मिली नसीरूद्दीनपुर गांव में कोहराम मच गया। जिसको खबर मिली सभी नसीरूद्दीनपुर गांव की चरफ चल पड़े।
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शहीद शशांक के घर पर महिलाओं और शुभ चिंतकों का आना-जाना बना हुआ है। घर में शहीद शशांक की मां कमलावती, दादी रमावती, बहन ब्यूटी के साथ दोनों भाभी प्रियंका और सुलेखा की आंखों से आंसू अब भी थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। सबसे खराब स्थिति मां कमलावती और बहन ब्यूटी की है। अपने सबसे चहेते और छोटे पुत्र को खोने के गम में पिता अरुण कुमार सिंह अंदर ही अंदर टूट गए हैं। यही हाल दोनों भाईयों हिमांशु और सुधांशु का भी है। शहादत के आज पांचवें दिन नसीरूद्दीनपुर गांव जो अब शशांक पुरम से जाना जाएगा पूरी तरह से गम के साए में है।

शशांक के भतीजे और बड़े भाई  हिमांशु के दोनों पुत्रों प्रवीण और दिव्यांशु द्वारा बार-बार पुष्पांजलि  देने के साथ धूप-बत्ती चढ़ाने और लोगों से खुलकर अपने प्रिय चाचा शशांक के  बारे में पुरानी यादों को बताकर याद ताजा करने के साथ भावुक हो जाना सबको  मर्माहत कर दे रहा है। ये दोनों बच्चे पार्थिव शरीर आने के साथ श्मशान घाट  तक गगनभेदी नारों से सबको अपनी तरफ खींच रहे थे। आज इन बच्चों को अपने  प्रिय चाचा की कमी सबसे ज्यादा खल रही है।
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