खुले ट्रांसफार्मर हादसे को दावत दे रहे हैं। बता दें कि पूरे जिले में विभिन्न क्षमता वाले 37 हजार ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं और दस हजार से अधिक जगहों पर जाली नहीं लगी है। ऐसे में जनता की जान पर खतरा बना रहता है। अधिकारियों ने समस्या के निदान की बात कही है।
खुले में लगाए गए ट्रांसफार्मर हादसे को निमंत्रण दे रहे हैं। जनपद के विविध स्थानों पर विभिन्न क्षमता के ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। इनमें से अधिकांश जाली विहीन हैं। इससे मवेशियों व लोगों के इनके संपर्क में आने का खतरा बना रहता है।
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पूरे जनपद में विभिन्न स्थानों पर 37 हजार ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। 10 हजार से अधिक ट्रांसफार्मर जाली विहीन हैं। संबंधित क्षेत्रों के लोगों की ओर से कई बार ट्रांसफार्मरों में जाली लगाने की मांग की गई, लेकिन नतीजा सिफर निकला।
छह महीने पूर्व नगर के आमघाट कॉलोनी में ट्रांसफार्मर की जद में आने से एक छुट्टा पशु को करंट का झटका लगा था। आसपास के लोगों ने तत्परता दिखाते हुए लाइट कटवाया। वहीं छुट्टा पशु की जान भी बच गई। हालांकि इसके बाद ट्रांसफार्मर में बिजली निगम की ओर से जाली लगवा दिया गया।
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इसी तरह अन्य जगहों से भी समय-समय पर ऐसी घटनाएं प्रकाश में आती रहती हैं। बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता प्रवीण कुमार ने बताया कि जिन स्थानों पर लगाए गए ट्रांसफार्मर में जाली नहीं लगी है, वहां जाली लगवाने को लेकर निर्देश दिया जाएगा।
केस नंबर एक - नगर के मिश्रबाजार में ट्रांसफार्मर लगा है, लेकिन यह जाली विहीन है। जबकि मिश्रबाजार नगर का व्यस्तम इलाका माना जाता है। यहां प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोग आवागमन करते हैं। जिला महिला अस्पताल व शहर कोतवाली भी लोग इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं।
केस नंबर दो - दुल्लहपुर के शिवपुरी मुहल्ले में 400 केवीए के ट्रांसफार्मर में जाली नहीं लगाई गई। इससे मुहल्ले के लोग हमेशा हादसे को लेकर संशकित रहते हैं। मुहल्ले के लोगों का कहना है कि मार्ग से लोगों के आवागमन को देखते हुए जल्द से जल्द ट्रांसफार्मर में जाली लगवाना सुनिश्चित करना चाहिए।