जिला कृषि अधिकारी एके प्रजापति की तरफ से शनिवार को शहर में स्थित तीन बीज की दूकानों की जांच की गई। दूकानों में स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रजिस्टर में लेखाजोखा सही नहीं था और मूल्य सूची भी नहीं थी। उन्होंने संबंधित दूकानदारों को एक सप्ताह के अंदर सभी अभिलेख दुरुस्त करने की चेतावनी दी।
जिले के बीज विक्रेता मानकों को ताख पर रखकर किसानों से बीज और दवाओं के नाम पर मनमानी वसूली की जा रही है। किसानों को बिक्री मूल्य की रसीद भी उपलब्ध नहीं कराई जाती है। इसकी शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी ने कृषि अधिकारी को जिले के सभी बीज दूकानों की जांच का निर्देश दिया है। इसके लिए हर माह अभियान चलाया जाएगा। इस क्रम में शनिवार को तीन दूकानों की जांच की गई। तीनों दूकानों पर स्टॉक एवं बिक्री रजिस्टर पूर्ण नहीं पाए गए।
किसानों की सहूलियत के लिए न ही रेट लिस्ट और न ही स्टॉक की सूचना बोर्ड पर थी। किसानों की ओर से खरीदे गए बीज और दवा की रसीद भी उपलब्ध नहीं कराए जाने पर नाराजगी जताते हुए कड़ी चेतावनी दी। कृषि अधिकारी ने बताया कि दूकानों की जांच के लिए टीमों का गठन किया जाएगा। बीज दूकानदार प्रत्यके माह की पांच तारीख को अभिलेख की रिपोर्ट देने को कहा गया है।
जिन बीज की दूकानों के स्टॉक रजिस्टर सहित सभी अभिलेख पूर्ण नहीं पाए गए और नियमों का पालन नहीं किया गया। ऐसे दूकानदारों के खिलाफ बीज अधिनियम, बीज नियंत्रण आदेश तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। एके प्रजापति, कृषि अधिकारी
जिला कृषि अधिकारी ने कृषि सहायक विकास अधिकारी और तकनीकी सहायकों को निर्देश दिया है कि किसानों का आनलाइन पंजीकरण एवं मृदा परीक्षण कर प्रत्येक ग्राम पंचायत का डाटा उपलब्ध करा दें। इसके लिए सभी कर्मचारियों के लिए लक्ष्य का भी निर्धारण कर दिया गया। उनको मई-जून तक हर हाल में पूर्ण करने का निर्देश दिया है।
कृषि विभाग के तकनीकी सहायक और कृषि सहायक विकास अधिकारी गांव-गांव जाकर किसानों को यंत्र, फसल, बीज आदि के बारे में जानकारी देंगे। बीज की उपलब्धतास मृदा परीक्षण, दवाओं की किसानों को जानकारी देने की रिपोर्ट हर महीने विभाग को देनी होगी। कृषि अधिकारी ने बताया कि इन आंकड़ों के आधार पर ही उन ब्लाकों के किसानों को बीज उपलब्ध कराए जाएंगे।