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सातों सीट पर दिलचस्प मुकालबा, सीटें आमने-सामने और त्रिकोणीय लड़ाई में फंसीं

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कुछ सीटों पर सीधी और कुछ पर तिकोनी लड़ाई
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संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। मतदान की तिथि करीब आने के साथ-साथ सीटों पर चुनावी स्थिति स्पष्ट होती जा रही है। जनपद के सातों विधानसभा में 94 प्रत्याशी जोर आजमाइश कर रहे हैं। ज्यादातर सीटों पर सीधा मुकाबला है जबकि कुछ पर तिकोनी लड़ाई है। ज्यादातर सीटों पर मुख्य लड़ाई भाजपा, सपा और बसपा के बीच दिख रही है।
गाजीपुर सदर में तिकोनी लड़ाई
गाजीपुर सदर सीट भाजपा के खाते में रही है। यहां इस बार तिकोना मुकाबला दिख रहा है। भाजपा विधायक संगीता बलवंत बिंद को सपा के जैकिशन साहू और बसपा के राजकुमार गौतम से चुनौती मिल रही है। जैकिशन साहू दर्जा प्राप्त मंत्री रहे हैं जबकि राजकुमार गौतम भी विधायक रह चुके हैं। यहां पर बिंद, अनुसूचित जाति और यादव मतदाता निर्णायक होंगे।
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जंगीपुर में आमने-सामने की टक्कर
जंगीपुर विधानसभा साल 2012 में अस्तित्व में आई। पहली बार सपा के कैलाश यादव जीते और उनके निधन के बाद उपचुनाव में उनकी पत्नी किसमतिया देवी जीती थीं और 2017 के चुनाव में उनके बेटे वीरेंद्र यादव काबिज रहे। यहां से भाजपा ने रामनरेश कुशवाहा और बसपा ने मुकेश सिंह को मैदान में उतारा है। यहां मुख्य लड़ाई सपा और भाजपा के बीच दिख रही है। इस सीट पर यादव और अनुसूचित जाति के मतदाता परिणाम को निर्धारित करेंगे।
मुहम्मदाबाद में फिर सीधी लड़ाई
मुहम्मदाबाद विधानसभा सीट पर पिछले कई चुनावों से सीधी लड़ाई होती रही है। इस बार भी ऐसा ही लग रहा है। दो दशक से यहां अंसारी बंधु और पूर्व विधायक कृष्णानंद राय के परिवार के बीच ही लड़ाई रही है। भाजपा ने पूर्व विधायक कृष्णानंद राय की पत्नी अलका राय को मैदान में उतारा है। यहां सिबगतुल्लाह अंसारी के पुत्र को मन्नू अंसारी को सपा ने उनके सामने उतारा है। कांग्रेस अरविंद किशोर राय और बसपा के माधवेंद्र राय भूमिहार बहुल इस इलाके में अपनी जगह बनाने में जुटे हैं। यहां भूमिहार एक लाख पंद्रह हजार इसके बाद अनुसूचित जाति 60 हजार और यादव 45 हजार हैं। यही वर्ग परिणाम को प्रभावित करेगा।
जमानिया में भी फिलहाल त्रिकोणीय लड़ाई
जमानिया में फिलहाल सपा, भाजपा और बसपा के बीच त्रिकोणीय लड़ाई दिख रही है। सपा से कद्दावर नेता और पूर्वमंत्री ओम प्रकाश सिंह मैदान में हैं तो भाजपा ने सुनीता सिंह को प्रत्याशी बनाया है। बसपा के टिकट पर परवेज लड़ रहे हैं। यहां कुशवाहा 50 हजार, यादव 55 हजार, मुस्लिम 70 हजार और अनुसूचित जातियां करीब 65 हजार हैं। यहां चुनाव की कमान मुस्लिम मतदाताओं के हाथ में है। इसी को देखते हुए कांग्रेस की फरजाना को टिकट दिया है। ऐसा माना जा रहा है कि चुनाव की तिथि करीब आने पर मुस्लिम वोटों की स्थिति साफ होगी और उसके बाद लड़ाई आमने-सामने की हो जाएगी।
सैदपुर में सपा और निषाद पार्टी के बीच मुकाबला
सैदपुर (सुरक्षित) में सपा और भाजपा-निषाद पार्टी के गठबंधन के बीच सीधी लड़ाई के आसार हैं। सपा से अंकित भारती मैदान में हैं जबकि भाजपा और निषाद पार्टी गठबंधन ने सपा के टिकट पर पिछली बार विधायक रहे सुभाष पासी को मैदान में उतारा है। अंकित भारती पहली बार चुनाव मैदान में है। बसपा ने विनोद कुमार को टिकट दिया है। यहां अनुसूचित जाति के मतदाता करीब 85 हजार हैं। इसके बावजूद लड़ाई सपा और निषाद पार्टी के प्रत्याशी के बीच ही सिमटती नजर आ रही है। इस सीट पर यादव करीब एक लाख और मुस्लिम लगभग 45 हैं। वहीं राजपूत 65 हजार व ब्राह्मण भी करीब 65 हजार हैं। जिससे मुकाबला रोचक रहेगा।
जहूराबाद में तीन तरफ की लड़ाई
जहूराबाद सीट भी त्रिकोणीय लड़ाई में फंसी है। सुभासपा से ओम प्रकाश राजभर ने पिछली बार जीत हासिल की थी जबकि सपा से ही यहां से जीत चुकी शादाब फातिमा इस बार बसपा के टिकट पर मैदान में हैं। भाजपा ने कालीचरण राजभर को उम्मीदवार बनाया है। कालीचरण दो बार विधायक रह चुके हैं। मुस्लिम, राजभर और चौहान मतदाता इस सीट पर निर्णायक साबित होते रहे हैं। ओमप्रकाश राजभर पिछली बार भाजपा के गठबंधन से मैदान में थे तो अबकी बार सपा के साथ हैं। उनकी राजभर मतों पर पकड़ का परीक्षण भी इस चुनाव से होना है। इस सीट पर 66 हजार राजभर, 75 हजार अनुसचित जाति, 40 हजार यादव, 30 हजार मुस्लिम हैं। यह मतदाता जिधर झुकेंगे वही जीतेगा।
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जखनियां में बसपा और भाजपा आमने-सामने
जखनियां (सुरक्षित) विधानसभा में भाजपा और बसपा की सीधी लड़ाई के आसार बन रहे हैं। बाहरी होने के कारण सुभासपा के वेदी राम माहौल नहीं बना पा रहे हैं। भाजपा ने राजाराम बनवासी को प्रत्याशी बनाया है, जो सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। वहीं, बसपा ने अंतिम समय पर दांव चलते हुए 1996 और 2007 में दो बार विधायक रहे विजय कुमार पर भरोसा जताया। इस सीट पर अनुसूचित जाति के 75 हजार, यादव 45 हजार, राजपूत करीब 42 हजार हैं। यही मतदाता उम्मीदवारों का भाग्य तय करेंगे।
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