केंद्रीय जांच ब्यूरो की टीम ने बुधवार को महुआबाग स्थित यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस के सीनियर ब्रांच मैनेजर परितोष कुमार को क्लेम के एक मामले में दस हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। सुबह सीबीआई टीम ने
गोपनीय तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया और देर शाम तक आरोपी से पूछताछ करती रही। इस दौरान कंपनी के किसी कर्मचारियों को दफ्तर से बाहर नहीं आने दिया गया। आरोपी की पैंट और जेब में रखे रुपये को सील किया गया है। आरोपी को गुरुवार को सीबीआई के लखनऊ स्थित एंटीकरप्शन शाखा के विशेष जज की अदालत में पेश किया जाएगा।
दिलदारनगर निवासी कृष्ण कुमार सिंह का ट्रक 12 मई को वाराणसी में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस से उसके क्लेम का एक लाख तीस हजार रुपये पास हुआ। इसका भुगतान 29 दिसंबर को किया जाना था
लेकिन बिना रिश्वत के भुगतान ही नहीं किया जा रहा था। कृष्ण कुमार ने बताया कि भुगतान के एवज में यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस के सीनियर ब्रांच मैनेजर परितोष कुमार 10 फीसदी कमीशन मांग रहे थे। किसी तरह वे 10 हजार
रुपये लेकर क्लेम की रकम जारी करने को तैयार हुए।
कृष्ण कुमार ने 8 जनवरी को सीबीआई से लखनऊ से संपर्क किया। सीबीआई ने रिश्वत में देने के लिए 10 हजार रुपये के केमिकल लगे नोट दिए। बुधवार के जैसे ही कृष्ण कुमार ने महुआबाग कार्यालय में यूनाइटेड इंडिया
इंश्योरेंश कंपनी के सीनियर ब्रांच मैनेजर परितोष कुमार को दिया। घात लगाए बैठी सीबीआई इंस्पेक्टर अतुल दीक्षित की टीम ने उन्हें धर दबोचा और देर शाम तक आरोपी मैनेजर से पूछताछ करती रही। सीबीआई टीम ने क्लेम से
संबधित कागजात को खंगाला और आरोपी मैनेजर की पैंट और उसकी जेब से लिए गए दस हजार रुपये को सील कर दिया। इस दौैरान न तो किसी कर्मचारी को बाहर आने दिया जा रहा था और न ही किसी को भीतर जाने दिया गया।