फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पात्र वंचित, अपात्र ले रहे अनाज

विज्ञापन
राशन की दुकान पर लगी सूची को देखते उपभोक्ता। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो हाथरस
विज्ञापन
 आधी-अधूरी तैयारी के साथ जिला प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू कर दिया। इससे तमाम जरूरतमंद कोटे के अनाज से वंचित हो गए हैं। इसके विपरीत तमाम ऐसे लोगों के नाम सूची में शामिल कर लिए गए हैं, जिनकी अनाज लेने की पात्रता ही नहीं  है। अनाज वितरण शुरू होने के बाद अब इसको लेकर हायतौबा मची हुई है। अब प्रशासन गरीबों का निवाला छीनने वालों के नाम सूची से हटाने की तैयारी कर रहा है।
विज्ञापन



राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम जिले में पहली मार्च से लागू हो गया। इस अधिनियम के तहत जिले में अंत्योदय एवं पात्र गृहस्थी के पांच लाख 30 हजार 586 परिवारों को कार्ड जारी किए गए हैँ। इसमें कुल 25 लाख 23 हजार 654 यूनिट (व्यक्ति) शामिल हैं। अंत्योदय के 59537 कार्डों पर पहले की तरह 10 किग्रा गेहूं एवं 25 किग्रा चावल का वितरण किया जा रहा है। इसके अलावा अन्य कार्डधारकों को प्रत्येक यूनिट   साढ़े 3 किलो गेहूं एवं डेढ़ किलो चावल कम कीमत पर दिया जाना है।


अप्रैल माह में जिले को अंत्योदय कार्डधारकों के लिए 595.370 मीट्रिक टन गेहूं एवं 1488.425 एमटी चावल तथा योजना के   अन्य लाभार्थियों के लिए 7565.383 एमटी गेहूं एवं 3242.307 एमटी चावल का आवंटन किया गया है। इसका वितरण किया जा रहा है। अधिनियम के अंतर्गत अपात्रों का नाम सूची में शामिल करने एवं पात्रों का नाम सूची से गायब करने को लेकर जरूरतमंदों एवं राजनीतिक दलों की तरफ से कई बार विरोध जताया गया।
विज्ञापन


आए दिन धरना-प्रदर्शन हो रहे। इसके बाद प्रशासन को अपनी भूल समझ में आई और जिलापूर्ति विभाग ने सभी खंड विकास अधिकारियों को अपात्रों का नाम सूची से हटाने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें