उनकी छवि भले ही एक दृढ़ राजनेता की हो लेकिन वे भीतर से उतनी ही संवेदनशील भी थीं। लोगों को भी गंभीरता से सुनती थीं और समस्याएं दूर करती थीं।
शहर के प्रतिष्ठित व्यवसायी रवि कृष्ण दत्ता पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के व्यकि्तत्व को कुछ इसी तरह रेखांकित करते हैं। गाजीपुर दौरे के दौरान इंदिरा गांधी ने दत्ता परिवार के साथ काफी समय बिताया था।
उनको याद करते हुए रविकृष्ण दत्ता ने बताया कि इंदिरा गांधी वे 31 दिसंबर 1979 को रात डेढ़ बजे गाजीपुर पहुंची थीं। गेस्ट हाउस खाली नहीं था। ऐसे में वे उनके होटल में ही ठहरी थीं।
तब वे प्रधानमंत्री नहीं थीं। पहली दिसंबर 1980 को उनका मंगलवार व्रत था। फलाहार लेने के बाद दौरे पर निकलीं। उन्होंने परिवार के हर सदस्य से उन्होेंने मुलाकात की।
वह कुछ ही देर में परिवार से घुलमिल गईं। वे उनकी तीन वर्षीय बेटी को काफी देर तक दुलारती रहीं थीं। उनके स्नेह भरे व्यवहार को भुला देना आसान नहीं है।