गाजीपुर। रबी की फसलों की बोआई का समय चल रहा है। लेकिन, किसानों को पर्याप्त डीएपी नहीं मिल पा रही है। स्थिति यह है कि समितियों पर सुबह छह बजे से किसानों की कतार लग जा रही है। चार से पांच घंटे बाद जब उनका नंबर आ रहा है तो उनको केवल दो बोरी ही डीएपी मिल पा रही है। जिन किसानों को पांच या दस बोरी की जरूरत है, उनको भी केवल दो बोरी ही डीएपी दी जा रही है।
सिटी रेलवे स्टेशन मार्ग पर स्थित समिति पर सुबह छह बजे से ही किसानों की भीड़ लग गई थी। कतार काफी लंबी थी। किसान कतारबद्ध इसलिए हुए थे, कि उनको खेती की जरूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त डीएपी मिल जाए। लेकिन, जब उनका नंबर आया तो केवल दो बोरी ही डीएपी मिली। इससे बड़े दायरे में खेती करने वाले किसानों के चेहरे पर मायूसी देखी गई। किसानों का कहना है कि निजी दुकानों पर डीएपी 1500 से 1800 रुपये प्रति बोरी मिल रही है। वहीं समिति से बुधवार को डीएपी वितरित करने के लिए 160 कूपन दिए गए थे। लेकिन, बृहस्पतिवार को केवल 120 कूपन दिए गए। एआर कोआपरेटिव अंसल कुमार ने बताया कि एक सप्ताह में एक रैक और डीएपी आने वाली है। डीएपी आने के बाद किसानों को दिक्कत नहीं होगी।
गेहूं, आलू, सरसों की खेती के लिए मुझे पांच बोरी डीएपी चाहिए थी। लेकिन केवल दो बोरी ही डीएपी मिली। जरूरत को पूरा करने के लिए निजी दुकानों का सहारा लेना पड़ेगा। सुनील, सकरताली
खसरा-खतौनी में मां का नाम दर्ज है। इसलिए डीएपी नहीं दी गई। कहा जा रहा है कि मां को लाने पर ही डीएपी मिलेगी। जबकि वह आने में असमर्थ हैं। विनोद कुमार राय, टिसौरा
फसलों की बोवाई के लिए मुझे 10 बोरी डीएपी चाहिए। लेकिन, केवल दो बोरी ही मिल पाई। आवश्यकतानुसार डीएपी का वितरण नहीं हो रहा है। राजेंद्र, चक जीवधर
मैं सुबह छह बजे से ही लाइन में लग गया था। मेरा नंबर 11 बजे के बाद आया है। कुल 160 कूपन दिए गए थे। लेकिन, आज 120 कूपन ही दिए गए। सिनोद बिंद, गोंडा देहाती