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परियोजना में मेदिनीपुर की पुरानी टंकी बन रहा रोड़ा, जल निगम और आरवीएनएल आमने-सामने

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मेदिनीपुर के पास जलनिगम के द्वारा पुरानी पानी टंकी और उसके पंम्प हाउस का ध्वस्तिकरण न कराए जाने स - फोटो : GHAZIPUR
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सुहवल। मेदिनीपुर स्थित पुरानी पानी टंकी एवं उसके पंप हाउस के राह में आ जाने के कारण ताड़ीघाट-मऊ रेल परियोजना का काम रुका हुआ है। जल निगम ने इसे हटाने के लिए रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) को 35 लाख रुपये खर्च की पर्ची थमा दी है। रेलवे कहना है कि पुरानी पानी टंकी को ध्वस्त करने के लिए जल निगम के 40 हजार रुपये का भुगतान किया जा चुका है और नए सिरे से रकम मांगने का कोई औचित्य नहीं है। दोनों विभागों की जिच में काम लटका हुआ है।
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जिला प्रशासन नेे मऊ-ताड़ीघाट रेल परियोजना के रास्ते में आने वाली पानी टंकी और पंप हाउस को हटाने के लिए चार माहीने पहले आदेश दिया था। मगर जल निगम ने टंकी को रास्ते से नहीं हटवाया। ऐसे में परियोजना के समय से पूरा होने संशय की स्थिति पैदा हो गई है। डेढ़ वर्ष पूर्व दूसरी निर्माणाधीन लाइन के कुछ दूरी पर नई पानी टंकी और पंप हाउस का निर्माण करा उसे चालू कर दिया गया। उसी के साथ पुरानी पानी टंकी और पुराने पंप हाउस को परियोजना के दायरे में आने से हटाना था, जिससे काम में किसी प्रकार का बाधा पैदा न हो। रेल विभाग जल निगम का चक्कर भी लगाया जा चुका है लेकिन वह पुराने पंप को हटा नहीं रहा है। आरवीएनएल के मुख्य परियोजना प्रबंधक विकास चंद्रा ने बताया कि पुरानी पानी टंकी के ध्वस्तीकरण को लेकर फिलहाल 40 हजार रुपये का भुगतान कर दिया गया है लेकिन जल निगम ने 35 लाख का स्टीमेट थमा दिया है जो सरासर अनुचित है। ध्वस्तीकरण में काफी देर हो रही है, जिससे काम प्रभावित हो रहा है।
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