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गाजीपुर : आय से अधिक संपत्ति के मामले में निलंबित आईएएस की कोठी में पंचायत भवन होने की जानकारी मिली 

Fri, 24 Jun 2022 11:22 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर

सार

रामविलास यादव ने पैतृक गांव परेवा में तीन बीघे भूमि पर आलीशान कोठी बनाई है। इसमें पार्क, स्विमिंग पूल और लाइब्रेरी के साथ पंचायत होने का मामला सामने आया है। जिलाधिकारी एमपी सिंह ने बृहस्पतिवार को मनिहारी बीडीओ को जांच के लिए भेजा था।  हालांकि जिलाधिकारी को अभी जांच रिपोर्ट मिली नहीं है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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गाजीपुर शादियाबाद में आय से अधिक संपत्ति के मामले में देहरादून में गिरफ्तार निलंबित आईएएस  रामविलास यादव ने पैतृक गांव परेवा में तीन बीघे भूमि पर आलीशान कोठी बनाई है। इसमें पार्क, स्विमिंग पूल और लाइब्रेरी के साथ पंचायत होने का मामला सामने आया है। जिलाधिकारी एमपी सिंह ने बृहस्पतिवार को मनिहारी बीडीओ को जांच के लिए भेजा था। हालांकि जिलाधिकारी को अभी जांच रिपोर्ट मिली नहीं है। रिपोर्ट मिलने का इंतजार है।
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  निलंबित आईएस की कोठी अत्याधुनिक सुख-सुविधाओं से सुसज्जित है। इसमें किसी को आने जाने की अनुमति नहीं है। उत्तर प्रदेश में तैनाती के समय उनका यहां आना-जाना लगा रहा है। कोठी के मुख्य द्वार के  अलावा अंदर भी विशाल गेट लगा है। किसी भी बाहरी व्यक्ति को आने की इजाजत नहीं है। निलंबित आईएएस ने मुख्य सड़क से सटा हुआ कटरा भी बना रखा है। इसकी कई दुकान किराए पर दे रखी है। गांव के आसपास कई भूखंड महंगी कीमतों पर खरीद कर क्षेत्र में जमीन का रेट आसमान पर पहुंचा दिया। आलीशान कोठी की देखभाल उनके शशिकांत यादव करते हैं।
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हालांकि शशिकांत का कहना है कि वह सिर्फ कोठी की देखभाल करते हैं, बाकी रामविलास की गतिविधियों के बारे में उनको कोई जानकारी नहीं है। बीते 11 जून को उत्तराखंड विजिलेंस की टीम ने छापा मारकर जांच पड़ताल की थी। रामविलास यादव लखनऊ विकास प्राधिकरण के  सचिव और मंडी परिषद के एडिशनल डायरेक्टर भी रहे हैं। सपा सरकार में पसंदीदा अफसरों में शामिल रहे रामविलास को पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह का रिश्तेदार भी बताया जाता है।  योगी सरकार बनने के बाद 2019 में अपने मूल कैडर उत्तराखंड लौट गए थे। रामविलास यादव ने अपने इसी कोठी में पंचायत भवन भी  बनवा लिया था। गांव का कोई भी व्यक्ति  पंचायत भवन में आता-जाता नहीं है क्योंकि भवन का गेट हमेशा बंद रहता है।

 बता दें कि रामविलास यादव ने शादी के दो साल बाद ही अपनी पहली पत्नी गिरजा देवी से नाता तोड़ लिया था। अब वह अपनी बेटी बिंदु के साथ वाराणसी में रहती हैं। उनकी पहली शादी आईएएस बनने से पहले  बहरियाबाद क्षेत्र के राजापुर गांव की रहने वाली गिरिजा देवी से 1976 में हुई थी। आईएएस बनने के बाद  रामविलास यादव ने दूसरी शादी कर ली। इसके बावजूद गिरजा देवी अपने ससुराल परेवा में रहकर  अपने सास-ससुर की सेवा करती रही। अपनी पहली पत्नी की बेटी बिंदू की शादी रामविलास यादव ने धूमधाम से की। सास ससुर की मौत हो जाने के बाद गिरजा देवी अपनी बेटी के पास बनारस चली गई।

जिलाधिकारी, एम पी सिंह ने कहा कि भवन के अंदर पंचायत भवन होने की जानकारी प्राप्त हुई है। मनिहारी बीडीओ को मामले की जांच के लिए भेजा गया था। रिपोर्ट आने का इंतजार है।
 
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