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जंगीपुर में बवाल, रोडवेज बस फूंकी

Mon, 17 Aug 2015 12:21 AM IST
संवाददाता/ अमर उजाला, गाजीपुर
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विभिन्न मांगों को लेकर थाना क्षेत्र के लावा मोड़ पर अपने समर्थकों के साथ आमरण अनशन पर बैठे पूर्व छात्र नेता विवेकानंद पांडेय को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा शनिवार को जबरदस्ती उठाए जाने पर नागरिकों का गुस्सा
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फूट पड़ा। पुलिस पर जमकर पथराव करने के साथ ही आठ रोडवेज बसों का शीशा चकनाचूर करने के साथ ही एक रोडवेज बस को आग के हवाले कर दिया। करीब पांच घंटा तक पुलिस और नागरिकों के बीच गुरिल्ला युद्ध चला। इस

दौरान नायब तहसीलदार, पांच पुलिस कर्मी और सीओ पथराव में घायल हो गए। स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस को कई राउंड फायरिंग व आंसू गैस के गोल दागने पड़े। काफी मशक्कत के बाद पुलिस-पीएसी ने मिलकर हालात पर काबू
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पाया। इस मामले में पुलिस आठ सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के साथ 50 लोगों को पकड़कर थाने लाई।
बिजली, सड़क आदि समस्याओं के समाधान को लेकर पूर्व छात्र नेता विवेकानंद पांडेय 12 अगस्त से जंगीपुर बाजार में

लावा मोड़ पर अपने समर्थकों के साथ आमरण अनशन पर बैठे थे। अनशन के तीन दिन बीतने के बाद भी जिला प्रशासन ने अनशनकारियों की सुधि लेने की जहमत नहीं उठाई। न ही अनशनकारी का स्वास्थ्य परीक्षण ही किया गया।

इससे उनमें प्रशासन के प्रति नाराजगी थी। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर जंगीपुर मंडी समिति में गेस्ट हाउस के शिलान्यास करने के लिए पंचायती राजमंत्री कैलाश यादव के पहुंचने पर उनसे मिलकर उन्हें पत्रक सौंपने का मन बनाया था।

पंचायती राजमंत्री के जंगीपुर पहुंचने से पहले दिन में करीब 11 बजे सदर एसडीएम एके सिंह, नायब तहसीलदार लालसा प्रसाद, सीओ प्रभात कुमार और थानाध्यक्ष सुशील यादव फोर्स के साथ अनशन स्थल पर पहुंचे और अनशनकारियों पर

दबाव बनाने लगे कि वह अनशन समाप्त कर दें। इसको लेकर अनशनकारियों और पुलिस के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। अनशन को समाप्त कराने के लिए पुलिस ने लाठियां भांजनी शुरू कर दी। पुलिस की इस कार्रवाई से वहां मौजूद सैकड़ों

लोगों का गुस्सा भड़क गया और लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। गुस्साए लोगों ने रोडवेज की आठ बसों का शीशा तोड़ने के साथ ही एक बस को आग के हवाले कर दिया। हालांकि वहां मौजूद फायर कर्मियों ने तुरंत आग को बुझा

दिया। घटना स्थल के पुलिस छावनी में तब्दील होने के बाद भी लोगों का आक्रोश कायम रहा। इस मामले में पुलिस ने 8 सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज दिया। गिरफ्तार किए गए 50 लोगों को पुलिस ने रविवार को जेल भेज दिया।
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