हैदरगढ़ (बाराबंकी) । दसवीं के छात्र को फर्जी बोर्ड का प्रमाण पत्र जारी करने वाले विद्यालय के प्रबंधक व प्रधानाचार्य के विरुद्ध जांच अधिकारी जीजीआईसी प्रधानाचार्य की तहरीर के बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। पीड़ित छात्र की शिकायत पर जांच में सही मिलने पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने मामले में एफआईआर कराने का आदेश दिया था।
थाना सुबेहा के गांव भटगवां निवासी सद्दीक के पुत्र नसीम ने 21 सितंबर 24 को मुख्यमंत्री से ऑनलाइन शिकायत की। जिसमें बताया वर्ष 2015 में पलिया के निजी विद्यालय में कक्षा नौ में रेगुलर यूपी बोर्ड से पंजीकरण कराया था। वर्ष 2017 में विद्यालय से हाईस्कूल की परीक्षा पास की। स्कूल प्रबंधन द्वारा काफी दिनों तक मार्कशीट नहीं दी गई। बाद में बिना मान्यता प्राप्त निष्प्रयोज्य प्रमाणपत्र दे दिया और बताया बोर्ड की गलती से मार्कशीट बदल गई है। सही मार्कशीट जल्द दिला दी जाएगी। लगातार विद्यालय का चक्कर काटने के बाद भी मार्कशीट व प्रमाणपत्र नहीं मिले। तीन सितंबर को विद्यालय की मान्यता कक्षा आठ तक होने की जानकारी मिलने पर फर्जीवाड़ा सामने आया। जिला विद्यालय निरीक्षक के निर्देश पर नोडल व जीजीआईसी प्रधानाचार्य पूनम कनौजिया ने मामले की जांच की। जांच में प्रमाणपत्र निर्गत करने वाली संस्था भारतीय विद्यालय शिक्षा संस्थान नाम के किसी बोर्ड को यूपी बोर्ड के समकक्ष परीक्षा कराने के लिए मान्यता नहीं की बात सामने आई। 20 नवंबर को जिला विद्यालय निरीक्षक ओपी त्रिपाठी ने एसपी को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा और जांच अधिकारी ने थाना सुबेहा में तहरीर दी है। इस संबंध में विद्यालय प्रबंधक से वार्ता का प्रयास करने पर फोन बंद मिला। जांच रिपोर्ट व जांच के आधार के बारे में जानकारी मांगी है। सभी तथ्य सामने आने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।