गाजीपुर। लोक निर्माण विभाग के सभी खंडों में विभिन्न फर्मों और ठेकेदारों के कार्य से पंचायती राज विभाग के मंत्री और सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर नाखुश हैं। प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग को 21 दिन में चार बार कार्रवाई के लिए पत्र भेज चुके हैं। पत्र में 22 ठेकेदारों के फर्म का जिक्र है। उधर, मंत्री के बेटे और सुभासपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण राजभर ने बताया कि इस पर जांच टीम गठित भी हो गई है। जल्द ही टीम जनपद में निरीक्षण करने आने वाली है। सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर जहुराबाद विधानसभा से विधायक भी हैं। उन्होंने पहली बार 21 नवंबर को दो पत्र प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग को लिखा था। इसमें 12 ठेकेदारों के फार्म का जिक्र था, इसके बाद तीसरा पत्र उन्होंने 10 दिसंबर को लिखा। इसमें 6 ठेकेदारों के फर्म का उल्लेख किया और अब बृहस्पतिवार को चौथा पत्र प्रमुख सचिव को लिखा है। इस बार चार ठेकेदारों के फर्म का जिक्र किया गया है। मंत्री की ओर से लिखे गए सभी पत्रों में कहा गया है कि उनके संज्ञान में आया है कि गाजीपुर के लोक निर्माण विभाग के सभी खंडों में विभिन्न फर्मों व ठेकेदारों की ओर से जो भी कार्य कराए जा रहे हैं, उसमें निम्नस्तरीय गुणवत्ता व अंडर साइज निर्माण सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। यह किसी भी दशा में सही नहीं है। उन्होंने संबंधित 22 फर्मों का जिक्र करते हुए वर्ष 2023-2024 में हुए निर्माण कार्य व वर्तमान में चल रहे कार्यों की टीएसी जांच कराने की मांग की है। साथ ही कार्य संतोषजनक न मिलने पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने को कहा है। मंत्री का कहना है कि जो गलत करेगा उसके खिलाफ जांच होगी।