गाजीपुर। प्रदेश और जिले में 22 साल बाद 4 नवंबर से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) होगा। पिछली बार ये 2003 में हुआ था। उस समय जिले में करीब 14 लाख मतदाता थे। वर्तमान में मतदाताओं की संख्या 2951478 है। 2003 में कराए गए एसआईआर में करीब 50 हजार मतदाताओं के नाम हटाए गए थे। हालांकि उस समय एसआईआर को लेकर कोई विरोध और हो-हल्ला नहीं था। इस बार बिहार में एसआईआर लागू होने के बाद विपक्ष का काफी हंगामा रहा था। इसको लेकर यहां भी प्रशासन अलर्ट मोड पर है और एक-एक कदम फूंककर रखने की तैयारी है ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न होने पाए। बहरहाल, चुनाव आयोग से दिशा-निर्देश मिलते ही जिला प्रशासन ने एसआईआर की तैयारियों को मूर्त रूप दे दिया है। सोमवार को इसे लेकर शासन स्तर की वीडियो कांफ्रेंसिंग और स्थानीय स्तर पर बैठकों का सिलसिला चलता रहा। बीएलओ, सुपरवाइजर आदि को एसआईआर की जानकारी देते हुए प्रक्रिया समझाई गई।
4 नवंबर से बीएलओ घर-घर जाकर सर्वे करेंगे जो 4 दिसंबर को पूरा होगा। इसके आधार पर ड्राफ्ट मतदाता सूची 9 दिसंबर को प्रकाशित की जाएगी। इस पर जिन लोगों को एतराज होगा वह 8 जनवरी 2026 तक दावे-आपत्ति दे सकेंगे। इन पर 31 जनवरी तक सुनवाई और सत्यापन करा लिया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया के बाद 7 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
ऑनलाइन फॉर्म भी भर सकेंगे मतदाता-बीएलओ के सर्वे के अलावा मतदाता ऑनलाइन भी फॉर्म भर सकेंगे। यदि उनके नाम या उनके पिता या माता के नाम, 2003 की सूची में नहीं थे तो ईआरओ 12 दस्तावेज के आधार पर पात्रता निर्धारित करेगा। आयोग द्वारा तय 12 दस्तावेज के अलावा यदि किसी के पास अतिरिक्त वैध दस्तावेज है तो आयोग उसे भी मान्य करेगा। ईआरओ के फैसले के बाद यानी अंतिम सूची प्रकाशित होने के बाद भी किसी भी निर्वाचन क्षेत्र का कोई भी मतदाता या निवासी जिला मजिस्ट्रेट के पास अपील कर सकता है और 15 दिनों के भीतर राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी के पास अपनी दूसरी अपील भी दायर कर सकता है।
एसआईआर के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। इस कार्य में 2959 बीएलओ और 304 सुपरवाइजर लगाए जाएंगे। ये 4 नवंबर से घर-घर जाकर मतदाताओं का सर्वे करेंगे। इस प्रक्रिया में हर पात्र मतदाता को उसके दावे-आपत्ति दर्ज कराने का भी समय दिया जाएगा। -दिनेश कुमार, एडीएम व उपजिला निर्वाचन अधिकारी, गाजीपुर।