औड़िहार। वर्तमान समय में महिलाएं हर क्षेत्र में आगे हैं। नारी के सम्मान से ही मजबूत राष्ट्र और मजबूत समाज की कल्पना संभव है। ये बातें मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमप्रकाश सिंह ने शनिवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) सैदपुर में अमर उजाला के ‘अपराजिता 100 मिलियन इस्माइल’ कार्यक्रम के तहत नारी सशक्तीकरण एवं जागरूकता कार्यशाला में कहीं। इसमें डायट की महिला प्रवक्ताओं एवं 160 प्रशिक्षुओं ने हिस्सा लिया। कार्यशाला में महिलाओं को स्वावलंबी, सुशिक्षित एवं आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया गया।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि महिलाएं किसी भी मायने में पुरुषों से कम नहीं हैं। उनके अंदर आत्मबल कम न हो, इसके लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाकर उन्हें पूरी तरह संरक्षित करने का उपक्रम बनाया है। कहा कि सामाजिक और कानूनी सुरक्षा में बड़ा अंतर है। इसकी जिम्मेदारी निभाने के लिए पूरी सजगता से काम करना होगा। शासन की ओर से सुरक्षा और संरक्षण के उपायों को गिनाते हुए कहा कि कभी जनपद में 14 -15 महिला पुलिस आरक्षी हुआ करती थीं। अब इनकी संख्या 370 से अधिक है। अब बेटियां और बेटे परिवार के प्रति ज्यादा संवेदनशील हैं। ऐसे में बेटा और बेटी में भेदभाव करना किसी भी दशा में उचित नहीं कहा जा सकता।
डायट प्राचार्य समारू प्रधान ने कहा कि महिलाएं अपने दायित्व के प्रति पूरी तरह सजग रहें। कानून जिस तरह उनकी हिफाजत में लगा है, उसके चलते उन पर किसी प्रकार की आंच नहीं आ सकती। महिलाएं डट कर चुनौतियों का सामना करें और आगे बढ़ें। विशिष्ट अतिथि उप जिलाधिकारी विक्रम सिंह ने कहा कि नारी को अपने स्वाभिमान की रक्षा स्वयं करनी होगी। अपने अधिकार के समुचित प्रयोग के लिए उन्हें सुशिक्षित, स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनकर खुद को स्थापित करना होगा। उन्होंने वेद और दर्शन से जुड़े कई उदाहरण प्रस्तुत किए।
क्षेत्राधिकारी राजीव द्विवेदी ने कहा कि आज की नारी घर की देहरी से आगे निकल कर पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर राष्ट्र के निर्माण में सहायक बन रही है। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एसपी डॉ. ओमप्रकाश सिंह ने दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ। डायट की प्रशिक्षु शिक्षिकाओं ने सरस्वती वंदना और स्वागत प्रस्तुत किया। इसके बाद छात्राओं को नारी सम्मान और जागरूकता की शपथ दिलाई गई। प्रवक्ता डॉक्टर शिवकुमार पांडेय, डॉ. हरिओम यादव, अभय चंद्रा, निधि सोनकर, अर्चना सिंह, अंकिता सिंह, आलोक तिवारी, आलोक यादव, डॉ. सर्वेश राय उपस्थित रहे। स्वागत गीत आंचल दुबे, नम्रता, प्रियंका कश्यप एवं गरिमा ने प्रस्तुत किया। विनीता पांडेय ने महिला सशक्तीकरण पर अपनी बातें रखीं।
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कोट:
- शिक्षा और अनुशासन व्यक्ति को महान बनाता है। इसका संबल पाकर नारी कभी कमजोर नहीं हो सकती। इसीलिए आज के दौर में नारी अपराजिता कहीं जा रही हैं। वे अपने चरित्र बल को ऊंचाई प्रदान करें।-अनामिका श्रीवास्तव, डायट प्रवक्ता।
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- आज की नारी कमजोर नहीं है। उसे अपने परिवेश के यथार्थ से परिचित होकर कदम उठाना होगा। वर्तमान समय में विभिन्न क्षेत्रों में महिलाएं आगे निकल रही हैं।-सुमन तिवारी, डायट प्रवक्ता।
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- नारी सशक्तीकरण के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री ने नारी शक्ति, महिला हेल्प डेस्क समेत महत्वपूर्ण कार्यक्रमों को चला कर यह साबित किया है कि नारी के सम्मान को किसी भी कीमत पर ठेस नहीं लगने दिया जाएगा। शिक्षा समाज की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।-निधि सोनकर, डायट प्रवक्ता।
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- जब तक पुरुष प्रधान समाज में नारी के प्रति पुरुष की निगाहें संवेदनशील नहीं होंगी, तबतक महिलाओं के समक्ष संरक्षण की चुनौतियां बनी रहेंगी।-नम्रता सिंह।
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- कानून और समाज के दायरे में महिला समानता की बात प्रमुखता से मान्य की जानी चाहिए। तभी लोगों की सोच में बदलाव आएगा। छात्राएं छात्रों से आगे निकल रही हैं। यह समाज के लिए शुभ संकेत है।-आंचल दुबे।
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- जिन महिलाओं के अंदर आत्मविश्वास होगा और जिनके साथ पुरुष मजबूती से खड़ा होगा, वह महिला कभी दीन-हीन नहीं बन सकती।-विभा यादव।