गाजीपुर। अनुसूचित जाति के बेरोजगार युवक एवं युवतियों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा कम आय होने पर योजनाओं का लाभ उपलब्ध करा रही है। ऐसे व्यक्ति या परिवार जिनकी वार्षिक आय अधिकतम 46080 और शहरी क्षेत्र में 56,460 रुपये होने आवेदन के साथ आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र तहसील स्तर से बना आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र फोटो के साथ जमा किया जा सकता है।
पंडित दीन दयाल उपाध्याय स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत इस योजना में अनुसूचित जाति के व्यक्तियों को 20 हजार से 15 लाख रुपये की लागत तक की कृषि एवं अकृषि क्षेत्र की परियोजनाओं में बैंकों के सहयोग स्वरोजगार के लिए ऋण प्रदान किया जाता है। जिसमें प्रति इकाई अधिकतम 10 हजार रुपये अनुदान तथा 25 प्रतिशत मार्जिन मनी ऋण 4 फीसदी वार्षिक ब्याज दर पर और शेष धनराशि बैंक ऋण के रूप में प्रदान की जाती है।
नगरीय क्षेत्र दुकान निर्माण योजना के तहत इस योजना में नगरीय क्षेत्रों में अनुसूचित जाति के व्यक्तियों को स्वरोजगार के लिए दुकान निर्माण के लिए मैदानी क्षेत्र में 78 हजार रुपये ऋण विभाग द्वारा प्रदान किया जाता है। जिसमें 10 हजार रुपये अनुदान तथा शेष 68 हजार रुपये की धनराशि ब्याज मुक्त ऋण के रूप में होती है। जिसे 10 वर्षों में बिना ब्याज के लाभार्थी द्वारा विभाग में वापस जमा करना होता है।
योजनान्तर्गत लाभार्थी की निजी भूमि 13.32 वर्ग मीटर व्यवसायिक क्षेत्र में होनी चाहिए। लांड्री एवं ड्राईक्लीनिंग योजना अंतर्गत धोबी समाज के व्यक्तियों के साथ-साथ समस्त अनुसूचित जाति के व्यक्तियों को लांड्री एवं ड्राईक्लीनिंग की परियोजना स्थापित करने के लिए एक लाख और 2.16 लाख का ऋण प्रदान किया जाता है। जिसमें 10 हजार रुपये अनुदान और शेष धनराशि ब्याज मुक्त ऋण के रूप में होती है। लाभार्थी द्वारा पांच वर्षों में समान मासिक किश्तों में विभाग को वापस करनी होती है।
टेलरिंग शॉप योजना इस योजना के अन्तर्गत आवेदक को रोजगार के लिए दो सिलाई मशीन टॉप सहित (आईएसआईमार्का) फर्नीचर प्रेस एवं कच्चा सामग्री प्रदान की जाती है। जिसकी लागत 20 हजार रुपये निर्धारित है। जिसमें 10 हजार रुपये अनुदान तथा शेष धनराशि ब्याज मुक्त ऋण के रूप में होती है। जिसे लाभार्थी द्वारा तीन वर्षों में समान मासिक किस्तों में विभाग को वापस करना होता है। बैंकिंग सुविधा प्रदाता योजना इस योजना के अन्तर्गत चयनित अनुसूचित जाति के युवक/युवतियों को एक लाख की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। जिसमें 10 हजार अनुदान, 65 हजार की धनराशि ब्याज मुक्त ऋण और शेष 25 हजार की धनराशि चार प्रतिशत ब्याज पर मार्जिन मनी ऋण के रूप में लाभार्थी को प्रदान की जाती है।
वहीं, चयनित लाभार्थी द्वारा राष्ट्रीयकृत बैंको के बैंकिंग करेसपोंडेंट (बीसी) के रूप में कार्य किया जाएगा। निगम द्वारा आवेदक को फर्नीचर, एक कंप्यूटर, प्रिंटर मशीन और इंवर्टर आदि के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
इच्छुक युवक, युवतिया जो उपरोक्त अर्हता पूर्ण करते हैं। किसी भी कार्य दिवस में जनपद के समस्त विकास खंडों में तैनात सहायक विकास अधिकारी(समाज कल्याण) से संपर्क कर आवेदन कर सकते हैं तथा जनपद स्तर पर कार्यालय जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास)/जिला प्रबंधक में स्वयं उपस्थित होकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 20 जुलाई निर्धारित है। पात्रों का चयन जिला स्तरीय गठित समिति द्वारा साक्षात्कार के माध्यम से किया जायेगा।