डिजिटल अरेस्ट की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। नेडा के कंप्यूटर ऑपरेटर के साथ भी साइबर ठगी की घटना हुई है। पीड़ित के मुताबिक साइबर ठगों ने कॉल करके कहा कि मैं साइबर क्राइम से बोल रहा हूं। तुम्हारे बेटे को गिरफ्तार किया हूं।
यह है मामला
आरोप है कि बेटे को छोड़ने के नाम पर ऑनलाइन 15 हजार रुपये का भुगतान करा लिया। हालांकि बाद उन्हें ठगी होने का एहसास हुआ तो उन्होंने मुकदमा दर्ज कराया। शहर कोतवाली क्षेत्र के गोराबाजार निवासी विनोद कुमार नेडा में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर तैनात हैं। उनके मुताबिक बीते चार दिसंबर को मोबाइल पर कॉल आया।
उधर से, आवाज आई कि मैं क्राइम ब्रांच से बोल रहा हूं। तुम्हारे लड़के को अरेस्ट कर लिया गया है। वह काफी समझदार है, लेकिन घबराया हुआ है। यह सुनकर विनोद कुमार सकपका गए। उनकी घबराहट को भांपते हुए फोन करने वाले ने कहा कि अभी बड़े साहब नहीं आए हैं। गूगल पे पर रुपये भेज दो तो तुम्हारे बेटे को छोड़ दिया जाएगा। बड़े साहब के आने पर कुछ भी नहीं हो सकता है। यह बात सुनकर पीड़ित की ओर से एक बार 10 हजार और दूसरे बार में 5 हजार रुपये का भुगतान कर दिया गया।
इसके बाद फोन करने वाले की ओर से और 20 हजार और रुपये की मांग की गई। इस पर उन्होंने खुद का छोटा कर्मचारी होने का हवाला दिया। साथ ही और अधिक भुगतान करने में असमर्थता जताई। कार्यालय से घर आने पर उनको खुद के साथ साइबर ठगी होने का एहसास हुआ।
जब दोबारा उन्होंने उस नंबर पर कॉल किया तो, वह रिसीव नहीं किया। कई बार कॉल करने पर उसने नंबर को ब्लैक लिस्टेड कर दिया। अगले दिन पांच दिसंबर को पीड़ित ने ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कराते हुए हार्ड कॉपी को साइबर थाने में जमा किया।