स्थानीय विकासखंड के सलेमपुर एवं मलिकपुरा गांव के किसानों को कृषि विभाग की लापरवाही के चलते प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इससे इन दोनों ही गांवों के सैकड़ों किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ पाने से वंचित रह जा रहे हैं।
गाजीपुर जिले में एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी आफ इंडिया लिमिटेड के जिम्मे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों की खरीफ एवं रबी की फसल का बीमा करने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की ओर से दी गई है। इसके लिए कृषि विभाग की तरफ से ग्राम पंचायत एवं उसमें बोई जाने वाली फसलें अधिसूचित की गई हैं। उन्हीं फसलों का बीमा कराया जाना है। मुहम्मदाबाद विकासखंड के सलेमपुर ग्राम पंचायत की आबादी लगभग चार हजार एवं मलिकपुरा ग्राम पंचायत की आबादी दो हजार से अधिक है। इन दोनों ही गांव में कृषि विभाग की ओर से खरीफ एवं रबी सीजन के लिए कोई भी फसल अधिसूचित नहीं की गई है। इससे इन दोनों ही गांवों के सैकड़ों किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ पाने से वंचित रह जा रहे हैं। शासन की तरफ से गाजीपुर जनपद के लिए गेहूं की फसल के लिए प्रति हेक्टेयर 41 हजार 42, चना के लिये 27664, मटर के लिए 41549, मसूर के लिए 24206, सरसों के लिये 35568 रुपये धनराशि निर्धारित की गई है। इसका डेढ़ प्रतिशत बीमा प्रीमियम के रूप में किसानों को देना पड़ता है।
इसी प्रकार आलू के लिए प्रति हेक्टेयर 135105 रुपये धनराशि निर्धारित की गई है, जिसका बीमा कराने के लिए किसान को ढाई प्रतिशत प्रीमियम राशि का भुगतान करना है। सभी ग्राम पंचायतों में कौन-कौन फसल अधिसूचित घोषित है इसकी सूची जिला प्रशासन की ओर से जारी की गई है। उसमें मलिकपुरा एवं सलेमपुर गांव के लिए कोई भी फसल अधिसूचित न होने के कारण पिछले दिनों आई बाढ़ में धान की फसल बर्बाद होने के बाद भी इन गांव के लोगों को फसल बीमा का लाभ नहीं मिला। रबी फसल का बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर से बढ़ाकर 10 जनवरी तक कर दी गई है। इन गांवों के सैकड़ों किसान जो बडे पैमाने पर गेहूं एवं आलू की खेती करते हैं। उनकी फसल का बीमा नहीं कराया गया है।