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घर-घर पूजे गए नागदेव

Thu, 20 Aug 2015 12:18 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, गाजीपुर
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शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बुधवार को नागपंचमी का पर्व परंपरागत तरीके से मनाया गया। सुबह घरों की साफ-सफाई कर लोगों ने दूध-लावा चढ़ाकर पूजन-अर्चन किया। घरों में विशेष प्रकार का पकवान बनाकर इसका लुफ्त उठाया। एक
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तरफ जहां युवतियां, महिलाओं और बच्चों ने झूले का आनंद उठाया, वहीं विभिन्न अखाड़ों में पहलवानों ने दांव लगाया। चिक्का, कबड्डी का भी खेल हुआ। इसके अलावा शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में कबड्डी का भी आयोजन किया गया। इस

मौके पर कई स्थानों पर मेले का भी आयोजन किया गया था, जिसका लोगों ने आनंद उठाया।
पिछले कई दिनों से नागपंचमी की तैयारी चल रही थी। बुधवार की सुबह लोगों ने घरों के कोने-कोने की साफ-सफाई कर

दूध और लावा चढ़ाकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद अखाड़ों में जाकर कुश्ती का आनंद उठाया। पेड़ों पर पड़े झूले का युवतियां एवं महिलाओं ने लुफ्त उठाया। शहर के गुरुबाग और जमलापुर स्थित अखाड़ा में मेला का
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आयोजन किया गया। गहमर संवाददाता के अनुसार, एशिया के सबसे बड़े गांव गहमर में स्थित बक्स बाबा के धाम नागपंचमी की पूजा हुई। इस अवसर पर बक्स बाबा के धाम पर भक्तों की भीड़ उमड़ी। दुग्ध स्नान एवं हवन-पूजन के

बाद भक्तों में प्रसाद के रूप में धान-लावा का वितरण किया गया। करीमुद्दीनपुर, दुबिहा और ताजपुर डेहमा संवाददाता के अनुसार, नागपंचमी का पर्व क्षेत्र में परंपरागत तरीके से मनाया गया। नाग देवता को दूध-लावा चढ़ाकर पूजन किया गया।

क्षेत्र के विश्वंभरपुर ग्राम में स्थित तक्षक बाबा के मंदिर तथा अमवा की सती माई दरबार में दर्शन-पूजन तथा लावा चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। असावर (भदेसरी) में मेले एवं कुश्ती-दंगल का आयोजन किया, जबकि विभिन्न

गांवों में छोटे-बड़े पहलवानों ने अपने अखाड़ों की पूजा की और कुश्ती का अभ्यास कराया। देवकली संवाददाता के अनुसार, स्थानीय सहित आसपास के क्षेत्रों में नागपंचमी का पर्व मनाया गया। प्रात:काल नाग देवता को दूध एवं लावा चढ़ाया गया।

धुर्वार्जुन, कोलवर, सोन्हुली, महमूदपुर हथिनी, बड़हरा, देवकली, महोलिया, रसूलपुर पौटा आदि गांव में कुश्ती का आयोजन किया। जमानिया एवं मतसा संवाददाता के अनुसार, क्षेत्र में नागपंचमी का पर्व रीति-रिवाज से मनाया गया। एक तरफ

जहां अखाड़ों में दांव लगे, वहीं युवतियों एवं महिलाओं ने झूले का लुफ्त उठाया। दुल्लहपुर, बिरनो, नंदगंज, मरदह, जंगीपुर, सादात, भीमापार, बहरियाबाद, शादियाबाद, खानपुर, सैदपुर, करंडा, सहेड़ी, दिलदारनगर, सुहवल, कासिमबाद,

मुहम्मदाबाद, सिधागरघाट, जखनिया सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी नागपंचमी का पर्व परंपरागत तरीके से मनाया गया।

सपेरा कराते रहे नाग देवता का दर्शन
नागपंचमी पर्व पर नाग देवता का पूजा होती है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सपेरा सुबह ही

पहुंच गए। पिटारी में बंद नाग देवता का लोगों को दर्शन कराया। जिन स्थानों पर भी सपेरा लोगों को नाग देवता का दर्शन करा रहे थे, वहां लोगों को भीड़ लग जा रही थी। बच्चों के साथ ही बड़े दर्शन करते नजर आए। इस दौरान जिन

लोगों के पास कैमरायुक्त मोबाइल था, वह नाग देवता की तस्वीर अपने कैमरे में कैद करने में लगे रहे। लोग अपनी स्वेच्छा से पिटारी में चढ़ावा के रूप में पैसा डालते रहे। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में यह सिलसिला सुबह से लेकर शाम
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तक चलता रहा।
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