निरीक्षण के दौरान विधायक की ओर से अस्पताल में तैनात स्टाफ और संविदा कर्मियों की उपस्थिति व कार्यशैली को लेकर भी सवाल खड़ा किया गया। उन्होंने निर्देश दिया कि जो कर्मचारी ड्यूटी से गायब रहते हैं, उनकी शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की जाए।
साथ ही अस्पताल की साफ-सफाई और अन्य कक्षों की व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए सीएचसी के प्रभारी चिकित्सक डॉ. जोगेंद्र यादव को हिदायत दी कि मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना ही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। भविष्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचे, इसलिए इस पर समझौता संभव नहीं है। विधायक दोपहर 12 बजे सीएचसी निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मरीजों से स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बातचीत की। साथ ही ओपीडी व दवाओं के रख-रखाव की व्यवस्था को देखा।
दूसरी ओर सीएचसी के प्रभारी चिकित्सक डॉ. जोगिंदर यादव ने विधायक के व्यवहार पर आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि निरीक्षण के दौरान विधायक ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और अस्पताल की कुछ वस्तुओं को भी नुकसान पहुंचाया। कहा कि यह कृत्य किसी जनप्रतिनिधि को शोभा नहीं देता और इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की जाएगी।
अस्पताल को कबाड़खाना जैसा बना दिया गया है। लापरवाही के कारण संसाधन होने के बाद भी उसका लाभ जरूरतमंदों को नहीं मिल पा रहा है। डॉक्टर बाहर की जांच और दवाएं लिख रहे हैं। अस्पताल की व्यवस्थाओं को भी खराब कर दिया गया है। भोजनालय में ताला लटक रहा था। बेड गंदे थे। मेरे पहुंचने पर डॉक्टरों को बुलाया हाजिरी लगवाया जा रहा था। पूछने पर मुझसे ही बत्तमीजी की गई। यह वीडियो में साफ देखा जा सकता है। साथ ही वहां जनता भी मौजूद थी। फिलहाल, निरीक्षण और वहां की स्थिति से मैंने डीएम और सीएमओ से अवगत करा दिया है। - बेदीराम, विधायक