जिलाधिकारी के निर्देश पर कार्यवाहक सीएमओ धर्मात्मा त्रिपाठी ने बिरनो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात अधीक्षक को प्रतिकूल टिप्पणी जारी कर वार्षिक वेतन वृद्घि और वेतन पर रोक लगा दी है। दो एएनएम को निलंबित कर जांच का निर्देश अपर मुख्य चिकित्साधिकारी को सौंपा गया है।स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से चिकित्सकीय सुविधा का लाभ लोगों को नहीं मिल पाता है।
यही नहीं नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उच्चीकृत एएनएम सेंटरों पर तैनात एएनएम के रात्रि निवास नहीं करने से गर्भवती महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसकी शिकायत कई बार क्षेत्रीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से की थी। इसके बावजूद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।प्रमुख सचिव के सख्त निर्देश और औचक निरीक्षण के दौरान करंडा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. एके सिंह के निलंबन और जिलाधिकारी को लापरवाह अधिकारियों पर कार्यवाई का निर्देश मिलते स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों के कान खड़े हो गए है।
इस क्रम में बिरनो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात अधीक्षक डॉ. एसएन देव को नियमित रूप से उपस्थित न होने, नियमित टीकाकरण के आंकड़े काफी कम होने तथा बार-बार नोटिस देने के बावजूद काम में सुधार नहीं आने पर कार्यवाहक सीएमओ की ओर से प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करते हुए वार्षिक वेतन बढ़ोतरी और वेतन पर रोक लगा दिया गया है। वहीं धर्मागतपुर और मलेठी नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात एएनएन मंजू देवी और निलम देवी को निलंबित करते हुए दोनों लोगों को जखनिया और मनिहारी से जोड़ दिया गया है।
साथ ही दोनों पर टीकाकरण में उदासीनता, मदर चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम पर आकड़ों में कमी तथा काम में लापरवाही बरते जाने के आरोप की जांच कार्यवाहक सीएमओ ने एसीएमओ डॉ. एसपी पाल और डॉ. राजेश सिंह को सौंपी है।इस संबंध में कार्यवाहक सीएमओ डॉ. एसपी पाल ने बताया कि बिरनो के अधीक्षक को प्रतिकूल प्रविष्ट जारी कर जवाब देने को कहा गया है। साथ वेतन और वार्षिक वेतन वृद्घि पर रोक लगा दी गई है। साथ ही दो एएनएम को निलंबित कर दूसरे पीएचसी से जोड़ने के साथ आरोपों की जांच एसीएमओ से कराई जा रही है। जांच की रिर्पोट जिलाधिकारी को सौंप दी जाएगी।