रविवार को भी गंगा के जलस्तर में वृद्धि का सिलसिला जारी रहा। प्रति दो घंटा पर एक सेंटीमीटर की रफ्तार से जलस्तर में बढ़ोत्तरी होती रही। एक तरफ जहां शहर के तुलसिया का पुल, स्टीमरघाट मार्ग पानी से लबालब हो गया, वहीं बंधवा में बाढ़ के पानी से घिरे मकानों के लोगों को नाव के सहारे आना-जाना पड़ा। सुहवल, जमानिया, बारा, करंडा, मुहम्मदाबाद, गहमर के दर्जनों गांव पानी से घिरे हुए है और लोगों का पलायन जारी है। गंगा का खतरनाक रूप देख लोगों का होश उड़ने लगा है। लोगों को इस बात की आशंका सता रही है कि लगता है कि इस बार गंगा जमकर तबाही मचाएगी।
पुलिस और प्रशासनिक लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौर कर मातहतों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं। पानी बढ़ने की संभावना को देखते हुए जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की। अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह अपने-अपने क्षेत्र में रहे और बाढ़ प्रभावित इलाकों पर बराबर नजर रखें।
शहर के तुलसियाका पुल, स्टीमरघाट पर घुठने भर बाढ़ का पानी लगने के साथ ही कई गलियां पूरी तरह से पानी से घिरी हुई है। इससे लोग घरों में कैद हो गए है।
आवागमन करने वाले पानी में घुसकर आ-जा रहे हैं। बंधवा में करीब साठ मकान पानी से पूरी तरह से घिरे हुए है। कई लोग मजबूरीवश घर में रह रहे हैं, वहीं कई मकान छोड़कर इधर-उधर चले गए है। नाव के सहारे किसी तरह से लोगों का आना-जाना हो रहा है। अगर जलस्तर में वृद्धि नहीं थमी तो शहर के कई मुहल्ले और सड़कें भी बाढ़ की जद में आ जाएगी। केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारी हरिनाथ ने बताया कि शाम चार बजे 64.650 वृद्धि दर्ज की गई। करंडा संवाददाता के अनुसार गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ ही बाढ़ प्रभावित गांवों में परेशानी और खतरा बढ़ गया है। गंगा की बाढ़ से करकटपुर, बलवंतपुर, गजाधरपुर, पुरैना, बयेपुर, कसेरा, सोकनी, बड़हरिया, रफीपुर, सेरपुर, तुलसीपुर, महाबलपुर, गद्दोगाड़ा और नुरनपुर गांव बाढ़ के पानी से चारों तरफ से घिर गया है। लोगों को बाहर निकलने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है ।
बारा संवाददाता के अनुसार कर्मनाशा नदी में बाढ़ से गहमर थाना क्षेत्र भतौरा गांव में तबाही मची हुई है। बाढ़ के पानी ने रविवार की शाम इस गांव के चित्रकूट राम, बेचन राम, जय प्रकाश राम, राज नारायण राम, श्यामनारायण राम, तिलकु राम, लालन राम, शिवशंकर कुशवाहा , रमाशंकर कुशवाहा, नेत लाल चौधरी, चन्द्रिका यादव, सुभाष चौधरी, मुक्ति, मुन्ना राम, शिवनाथ राम, जगदीश यादव, राम जी यादव, सागर यादव, ब्रिजदेव, सुख दयाल, बीरबल राम, दहरी राम, लाल जी राम आदि ने अपना घर छोड़ दिया। ग्राम प्रधान विजय यादव ने गावं के प्राथमिक पाठशाला में इनके रहने की व्यवस्था किया। सुहवल: गंगा के बढ़ते जलस्तर से जहां ग्रामीण सहमे हुए हैं वहीं कई मकान धराशायी हो चुके हैं।
हसनपुरा, नसीरपुर, बीरऊपुर, रामपुर, टौंगा, गोपालपुर, डेढगावां, उधरनपुर, डोहला, तिलवां, मलसा, गरूआमकसूदपुर, भगीरथपुर, डुहियां, कासीमपुर, बहलोलपुर, ताडीघाट, मेदनीपुर, कालूपुर, युवराजपुर, रामपुर, पटकनियां, कल्यानपुर, गोपालपुर तिलवां, बड़ौरा, डारीडीह, बेमुआ, पटखौलियां, ताड़ीघाट मल्लाह बस्ती सहित अन्य गांव पानी से पूरी तरह से घिरे हुए है। अभी भी बाढ़ के पानी से दर्जनों मार्ग घिरे हुए है और उस पर आवागमन बंद है।
जमानिया संवाददाता के अनुसार गंगा तथा कर्मनाशा नदी के बाढ़ से क्षेत्र के राघोपुर बाड़, चित्तावनपट्टी बाड़, खिजिरपुर बाड़, मतसा बाड़, सब्बलपुर बाड़, रधुनाथपुर बाड़, देवरिया बाड़, देवरिया दियारा एवं कर्मनाशा के तटवर्ती इलाके गायघाट, धुस्का, दाउदपुर, डेवढ़ी, धरोहिया, रोहुणा आदि जगहों पर बाढ़ का पानी बस्ती में आ गया है। सुहवलः डीएम संजय कुमार खत्री, पुलिस अधीक्षक रामकिशोर ने रविवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरा किया। इस दौरान मातहतों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया। इसके साथ ही शरणालय एवं राहत केंद्र सहित स्वास्थ्य चौकियों का भी निरीक्षण किया। बाढ़ के चलते विस्थापित हो चुके लोगों का हाल जाना। लोगों ने उनसे राहत सामग्री के साथ जानवरों के चारे कि व्यवस्था करने की मांग की। उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों को सहायता उपलब्ध कराने का दिशा निर्देश दिया। इस मौके पर जमानिया तहसीलदार ओमप्रकाश, सुहवल थानाध्यक्ष प्रवीण आदि रहे।