गाजीपुर। जनपद से होकर गुजरने वाली मोझदायनी गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का क्रम जारी है। पिछले 48 घंटे से नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने से तट पर बसे लोगों की धुकधुकी बढ़ गई है। बरसात के बाद से नदी में बढ़ाव का क्रम शुरू हो गया है। सोमवार को गंगा में बढ़ाव की गति करीब एक सेंटीमीटर प्रति घंटे हो गई है। नदी जलस्तर 55. 960 मीटर तक पहुंच गया है। इस बार गंगा में आई बढ़ रहे जलस्तर की वजह से जिला प्रशासन एवं बाढ़ विभाग की चिंता बढ़ गई है।
जिले में गंगा समेत कुल नौ नदियां बहती हैं। इसमें सबसे बड़े भू-भाग में गंगा नदी है। इसके तट पर करीब सात सौ से अधिक गांव हैं, जो बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं। जनपद में गंगा का खतरा बिंदु 63.105 मीटर है। गंगा नदी में जब उफान आता है तो इसका असर इसकी सहायक नदियों पर भी पड़ता है। सहायक नदियों में गोमती, टोंस, कर्मनाशा, बेसो, मंगई, गांगी, भैसहीं, उदंती आदि शामिल हैं। इन सभी के जलस्तर में हल्की, फुल्की तेजी दिखाई दे रही है। जमानिया संवाददाता के अनुसार तटवर्ती इलाके के लोगों की धुकधुकी बढ़ने लगी है। हर साल बारिश और बाढ़ की वजह से नुकसान होता है। हालांकि अभी खतरा काफी दूर है लेकिन लगातार बरसात ने थोड़ी मुश्किल बढ़ा दिया है। औड़िहार संवाददाता के अनुसार उधर पहाड़ी क्षेत्रों में अनवरत वर्षा के चलते यहां गंगा के जलस्तर में हल्की वृद्धि दिखाई देने लगी है। गंगा अब घाटों के उपरी हिस्सों में भी लबालब भर गई है। ढलान वाले गांव के किनारे तक भी पानी पहुंचने लगा है। इधर गोमती नदी में भी हल्की तेजी बनी हुई है। कठवा मोड़ संवाददाता के अनुसार मगई नदी का पानी धीरे-धीरे फिर बड़ने लगा है। इसके किनारे के खेतों में बोई गई फसलों तथा सब्जियों में पानी लगा है। केंद्रीय जल आयोग के हसनैन ने बताया कि अभी गंगा में बढ़ाव का क्रम बना हुआ है हालांकि अभी खतरे की कोई बात नहीं है।