जिला जेल में सोमवार की सुबह सात बजे बंदियों की गिनती के बाद दोहरे हत्या के आरोप में बंद मोहन यादव ने डिप्टी जेलर राजकुमार पर पीछे से हमला कर दिया। दोनों के बीच हाथापाई की इस घटना के दौरान जेल में हड़कंप
मच गया। अन्य बंदियों ने बीचबचाव किया। यह सभी बंदी रक्षक भी जुट गए। पगली घंटी बजाई गई तो जेलर प्रशासन के अलावा कोतवाली पुलिस भी पहुंच गई। जानकारी होने पर एडीएम, सीओ और कोतवाल जेल पहुंचे। बाद में
जिलाधिकारी डॉ. अशोकचंद्र और पुलिस अधीक्षक रामकिशोर ने भी जेल में जाकर घटना का जायजा लिया। जिला जेल में सोमवार की सुबह सात बजे बंदियों की गिनती हो रही थी। गिनती के बाद बंदी अपने बैरकों में जाने
लगे। इस दौरान हत्या का आरोपी बंदी मोहन यादव बैरक के पास खड़ा था। डिप्टी जेलर राजकुमार वर्मा ने मोहन से
बैरक में जाने के लिए कहा जो उसे नागवार गुजरा। बैरक नंबर दो के पास जैसे ही डिप्टी जेलर राजकुमार वर्मा पीछे
घूमे, उसी दौरान बंदी मोहन यादव ने पीछे हमलाकर डिप्टी जेलर का गर्दन पकड़ लिया। इस घटना में मोहन के साथ पांच अन्य बंदियों ने भी उसका साथ दिया। इनमें बंदी प्रभुनाथ, अमरनाथ का नाम ट्रैस हुआ है। इस दौरान अनियंत्रित
होकर डिप्टी जेल राजकुमार वर्मा गिर गए। बंदी और डिप्टी जेलर गुत्थमगुत्था हो गए। दोनों केबीच हाथापाई होते देख अन्य बंदी और बंदी रक्षक दौड़ पड़े और बीचबचाव किया। घटना के दौरान जेल की पगली घंटी बजा दी गई जिसे
सुनकर जेलर एसपी त्रिपाठी तत्काल मौके पर पहुंच गए। सभी कैदी भयभीत होकर अपने बैरकों में चले गए। इसकी सूचना कोतवाली और जिला प्रशासन को दी गई। जानकारी होते ही शहर कोतवाल केके मिश्र, सीओ वेदप्रकाश सिंह,
एडीएम आनंद कुमार शुक्ला पुलिस फोर्स के साथ जेल में पहुंच गए। अधिकारियों ने घटना की जानकारी ली और हमलावर बंदी मोहन यादव को बैरक में कैद किया गया। इसके बाद जिलाधिकारी डा. अशोक चंद्र और पुलिस अधीक्षक
रामकिशोर भी जेल में गए और घटना की जानकारी ली। उन्होंने जेलर को आवश्यक निर्देश दिया।