गाजीपुर। जनपद में 16 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इन सभी केंद्रों पर एक-एक हेल्थ एटीएम लगाया गया था कि मरीजों को तत्काल रिपोर्ट मिल सके। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि हेल्थ एटीएम के माध्यम से मरीजों की विभिन्न प्रकार की जांचें निशुल्क कर तत्काल रिपोर्ट दी जा रही है। वहीं शनिवार को पड़ताल में जमीनी स्तर पर 50 प्रतिशत (8) हेल्थ एटीएम एक वर्ष से लेकर दो माह से खराब पड़े हैं। विभाग इन्हें चालू कराने के लिए कोई ठोस पहल नहीं कर रहा है।
नतीजतन, ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को विभिन्न स्वास्थ्य जांचों के लिए निजी पैथोलॉजी सेंटरों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे उनकी गाढ़ी कमाई के साथ-साथ समय की भी बर्बादी हो रही है। वर्तमान समय में इलाज कराना काफी खर्चीला हो गया है। कई बार दवाओं से अधिक खर्च जांचों पर हो जाता है। इस खर्च को वहन करने में ग्रामीण आबादी खुद को असहाय महसूस करती है। ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने पांच वर्ष पूर्व जनपद के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एक-एक हेल्थ एटीएम लगाया था।
दावा किया गया था कि इसके माध्यम से 50 प्रकार की जांचें निशुल्क की जाएंगी। शुरुआती एक वर्ष तक ग्रामीणों को इसका लाभ भी मिला, लेकिन इसके बाद हेल्थ एटीएम में तकनीकी खामियां आने लगीं। बीच-बीच में इन्हें दुरुस्त किया जाता है, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि इसका स्थायी समाधान नहीं किया जाता। ऐसे में मरीजों को निजी पैथोलॉजी सेंटरों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ने के साथ समय की भी बर्बादी होती है।
हेल्थ एटीएम से होने वाली प्रमुख जांचें
हेल्थ एटीएम के माध्यम से रक्तचाप (ब्लड प्रेशर), हृदय गति (पल्स रेट), शरीर में ऑक्सीजन का स्तर, लंबाई, वजन एवं बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई), बेसल मेटाबॉलिक रेट, ब्लड शुगर, हीमोग्लोबिन, लिपिड प्रोफाइल, ईसीजी, फेफड़ों की कार्यक्षमता जांच, यूरिन टेस्ट, डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया एवं टाइफाइड की जांच, गर्भावस्था और आंखों की जांच की जाती थी।
ताले में कैद स्वास्थ्य जांच : मरदह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के हेल्थ एटीएम कक्ष में शनिवार दोपहर 12 बजे ताला लटका मिला। मौके पर करीब 50 मरीज विभिन्न बीमारियों की जांच कराने पहुंचे थे, लेकिन कक्ष बंद होने के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। मरीजों का कहना था कि अब उन्हें निजी पैथोलॉजी सेंटरों का सहारा लेना पड़ेगा।
बाराचवर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का हेल्थ एटीएम पिछले एक माह से खराब पड़ा है। मरीजों और तीमारदारों द्वारा कई बार शिकायत करने के बावजूद इसे दुरुस्त नहीं कराया गया। इसके चलते मरीजों को हेल्थ एटीएम की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
सैदपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हेल्थ एटीएम पिछले एक वर्ष से धूल फांक रहा है। इसके माध्यम से किसी प्रकार की स्वास्थ्य जांच नहीं हो रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
स्वास्थ्य विभाग हेल्थ एटीएम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में निशुल्क स्वास्थ्य जांच कराने का दावा करता है, लेकिन यह दावा केवल कागजों तक सीमित है। - अजीत यादव, मदारपुर मलिकपुरा
हेल्थ एटीएम से किसी प्रकार की जांच नहीं हो रही है। यह अक्सर खराब रहता है। शिकायत के बाद भी इसे दुरुस्त नहीं किया जाता। - पन्ना लाल, खोजवा
जिन स्थानों पर हेल्थ एटीएम खराब हैं, उन्हें जल्द ही दुरुस्त कराया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभाग प्रतिबद्ध है। - डॉ. एसके पांडेय, सीएमओ