जिला रसोइया संघ की ओर से मानदेय बढ़ाने सहित कई मांगों को लेकर विकास भवन स्थित बीएसए कार्यालय पर धरना दिया गया। इस दौरान रसोइयों ने कहा कि उनकी हालत बंधुआ मजदूरों से भी बदतर हो गई है। निर्णय लिया गया कि जल्द ही इस संबंध में सीएम से लखनऊ जाकर मुलाकात की जाएगी।
संघ की संरक्षक एवं पूर्व ब्लाक प्रमुख चंदा यादव ने गुरुवार को धरना स्थल पर अपने संबोधन में कहा कि जनप्रतिनिधियों को देशभर में सबसे कम मानदेय पाने वाली महिला रसोइयों के कल्याण, विकास एवं मानदेय बढ़ाने के लिए चर्चा करनी चाहिए। मिड-डे-मील में 99 प्रतिशत महिला रसोइयां हैं। महिला रसोइयों का मानदेय सीधा बैंक खाता में भेजने के लिए राज्य सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह गाजीपुर जनपद की रसोइयां संघ की संघर्ष की जीत है, जो आज पूरे प्रदेश की रसोइयां महिलाएं लाभान्वित होगी।
संघ की जिलाध्यक्ष सुगंती कुशवाहा ने कहा कि निष्कासित रसोइयों की बहाली तथा रसोइयों के नियमित होने तक संघर्ष जारी रहेगा। कहा कि संघ अगले माह मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलकर अपनी समस्याओं से उन्हे अवगत कराने की तैयारी कर रही है। सिटी रेलवे स्टेशन परिसर से अपनी 15 सूत्री मांगों के समर्थन में जुलूस लेकर रसाइयां संघ की सैकड़ों महिलाएं विकास भवन में पहुंची थीं। इस मौके पर आशा, मीरा, ऊषा, मालती, कांती, पुष्पा, सरिता, इमरती, प्रर्मिला, निर्मला, रीता, पार्वती, मंजू, रंजू, प्रेमलता, मुन्नी, रंभा, लक्ष्मीना आदि मौजूद थीं।