दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के अमारी गेट के पास स्थित किराने की दुकान के गोदाम में 14 अगस्त को दुकानदार आशीष चौहान की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। बुधवार की रात पुलिस टीम ने तीन हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चापड़ भी बरामद किया गया।
एसपी रोहन पी बोत्रे ने बृहस्पतिवार को पत्रकार वार्ता आयोजित कर हत्याकांड के बारे में जानकारी दी। बीते 14 अगस्त की भोर गोदाम में सो रहे किराना दुकानदार आशीष चौहान की धारदार हथियार से वारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस मुकदमा दर्ज कर छानबीन में जुटी हुई थी। पुलिस टीम ने अमारी गेट से हत्यारोपी ओमप्रकाश यादव, दुल्लहपुर स्टेशन से पिंटू यादव निवासी नसीरपुर और संदीप कुमार निवासी अमेहता ( गोदसइया ) को गिरफ्तार किया। आरोपी ओमप्रकाश यादव की निशानदेही पर हत्या में प्रयोग चापड़ (गड़ासी ) और मृतक की खून लगी शर्ट भी बरामद हुई। पूछताछ में ओमप्रकाश यादव ने बताया कि वह जिस युवती को प्रेम करता था, वह आशीष चौहान से प्रेम करती थी। इसी बात को लेकर एक माह पूर्व मृतक से उसका विवाद हो गया था। बीते 13 अगस्त को मृतक के दुकान पर धक्कामुक्की हुई थी। इसी दौरान उसे मारने का प्लान बनाया। इधर आरोपी पिंटू यादव ने अपनी बहन की शादी में मृतक की दुकान से 70 से 80 हजार रुपये का किराना का सामान उधार लिया था। आशीष द्वारा पिंटू से बार-बार उधार का पैसा मांगा जा रहा था। इसी बात को लेकर पिंटू से भी उसका विवाद हुआ था। वहीं जिस युवती से मृतक प्रेम करता था उसके चचेरे भाई संदीप से हाथापाई और गाली गलौज हुई थी। इससे संदीप भी मृतक आशीष से प्रति दुश्मनी पाल कर बैठा था। इस पर तीनों हत्यारोपियों ओमप्रकाश, संदीप और पिंटू योजना बनाकर आशीष के किराये के मकान में गए। चैनल और आशीष के कमरे का दरवाजा खुला था। सो रहे आशीष चौहान को पकड़कर लोहे के गड़ासे से उसके शरीर पर कई वारकर मौत के घाट उतार दिया गया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।