केंद्रीय रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि विश्वकर्मा समाज के लोगों को तकनीक विरासत के रूप में मिली है। यह समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है।
लेकिन कुछ कारणों से समाज की प्रगति बाधित हुई है। केंद्र सरकार ने इसके लिए कौशल विकास परिषद का गठन किया है। इसके तहत तमाम शिल्पियों और दस्तकारों का समग्र विकास हो सकेगा। लंका मैदान स्थित मैरेज हाल में रविवार को उन्होंने विश्वकर्मा समाज के 15वें जनपदीय सम्मेलन को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि समाज के प्रदेश महामंत्री रामअवतार शर्मा की ओर से प्रस्तुत मांगपत्र में से कुछ मांगें विचारणीय हैं। सरकार उन मांगों पर विचार करेगी। रोजगार के अवसर को ध्यान में रखते हुए रेलवे स्टेशनों का विकास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों, नौजवानों एवं महिलाओं के विकास के लिए योजना बना रही है।
विशिष्ट अतिथि वाराणसी के उद्योगपति रामशिरोमणि विश्वकर्मा ने कहा कि विश्वकर्मा समाज पेशे से इंजीनियर कहे जाते हैं। उन्हें उद्योग-धंधों में अपने विवेक, तकनीकी, क्षमता और श्रम का उपयोग कर आगे बढ़ने एवं समाज में अपनी पहचान बनाने का प्रयास करना चाहिए। विश्वकर्मा समाज के प्रदेश अध्यक्ष नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष रोहिणी कुमार ने कहा कि सत्ता में भागीदारी के बिना समाज आगे नहीं बढ़ सकता।
प्रदेश महामंत्री रामअवतार शर्मा ने संगठन को मजबूत बनाने के साथ आगामी पंचायत चुनावों में भाग लेने का आह्वान किया। अध्यक्षता कर रहे जनार्दन शर्मा ने कहा कि आज के युवा कल के भविष्य हैं। इस मौके पर गंगासागर शर्मा, सतीश शर्मा, सुदामा विश्वकर्मा, रामधनी शर्मा, किशन शर्मा, फूलचंद विश्वकर्मा, पीआर शर्मा, दीनदयाल विश्वकर्मा, राजेश विश्वकर्मा, अर्जुन सेठ, अंगद शर्मा, गौरव विश्वकर्मा, सुनील विश्वकर्मा, अनिल विश्वकर्मा आदि मौजूद थे। संचालन कवि गजाधर शर्मा गंगेश ने किया।