सुहवल। हमीद सेतु की मरम्मत का काम एक बार फिर लटक गया है। रोलर बेयरिंग बदलने के लिए स्पैन लिफ्टिंग का कार्य होगा। इसके लिए पुल पर कम से कम दस दिन तक के लिए यातायात पूर्णत: बंद रहेगा। गुजरात से आई कार्यदाई संस्था के अधिकारी और कर्मचारी पिछले चार दिनों से कैंप किए हुए हैं। वह पुल पर आवागमन रोकने की अनुमति का इंतजार कर रही है। पिछली बार भी 20 दिन तक इंतजार करने के बाद वह लौट गए थे। हालांकि मडंलायुक्त दीपक अग्रवाल ने इस पुल की मरम्मत को लेकर काफी सक्रियता दिखाई थी और जनपद भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ओपी आर्य को संबंधित आदेश भी दिए थे। हरी झंडी मिलने के बाद भी जिला प्रशासन ओर एनएचएआई की लापरवाही पर लोगों में रोष व्याप्त है।
हमीद सेतु के ज्वाईंटर की रोलर बेयरिंग खिसकने से ज्वाईंटर में दरार आ गया। इसके बाद सतर्कता बरतते हुए पुल को सभी तरह के भारी वाहनों के आवागमन के लिए प्रतिबन्धित कर दिया गया था। करीब 11 माह से सभी तरह के कामर्शियल बड़े भारी वाहनों का आवागमन बन्द पड़ा हुआ है। इसके पहले भी करीब दो माह पूर्व पुल की मरम्मत के लिए इंजीनियर आए लेकिन जिला प्रशासन के द्वारा वाहनों के डायवर्जन की अनुमति न मिलने के कारण करीब बीस दिनों तक इंतजार करने के बाद वापस चले गए थे। देखरेख के अभाव में यह पुल भी जगह-जगह से क्षतिग्रस्त होता जा रहा है। पुल की भार क्षमता करीब 30 टन थी। अब इसकी क्षमता घट गई है। भारी कामर्शियल वाहनों के न चलने से इस क्षेत्र में माल भाड़ा में बढ़ोतरी होती जा रही है। लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इस पुल की मरम्मत नहीं होने से उस पार के लोगों की दशा दिन पर दिन दयनीय ही होती जा रही है। इधर, लोगों के आशा की किरण अब बगल में बन रहे रेल कम रोड ब्रिज भी बनी हुई है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक समर बहादुर सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन के तरफ से अभी तक अनुमति नहीं मिलने से समस्या आ रही है। रूट डायवर्जन की अनुमति मिलने पर आवागमन रोकने के बाद पुल की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर शुरू करा दिया जाएगा।