गाजीपुर। बुराई पर अच्छाई के प्रतीक का पर्व दशहरा जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में भी परंपरा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस बीच जगह- जगह रावण के पुतलों का दहन किया गया और विशाल मेले का आयोजन किया गया। मेला में हर आयु वर्ग के लोगों ने आनंद उठाया। आयोजन स्थलों पर विभिन्न प्रकार के बिरहा दंगल, कुश्ती प्रतियोगिता, जागरण आदि के कार्यक्रमों की भी धूम मची रही। हर जगह भीड़ -भाड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद रही।
देवकली संवाददाता के अनुसार श्रीरामलीला समिति देवकली द्वारा विजयादशमी का मेला आयोजित किया गया। विशालकाय रावण का पुतला दहन किया गया। मेले में दूर दराज के गावों से बड़ी संख्या में लोग आए तथा चाट, पकौड़ी आदि का आनंद लिया। पुलिस भी मेला परिसर में भ्रमण कर सुरक्षा का जायजा लेती रही। समिति के अध्यक्ष प्रभुनाथ पाण्डेय, अरविन्द लाल, रामनरेश मौर्य, दयाराम गुप्ता आदि लोग जायजा लेते रहे। इसी प्रकार पियरी, रसूलपुर कोलवर में विजयादशमी का मेला आयोजित किया गया। श्री दुर्गा पूजा समिति देवकली की ओर से ओमप्रकाश यादव बक्सर व रजनीगंधा मोहनिया के बीच बिरहा मुकाबला आयोजित किया गया।
बहादुरगंज संवाददाता के अनुसार विजयादशमी कसबे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आस्था के बीच हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान दशानन का पुतला नगर के परंपरागत मार्गो से होते हुए रामलीला मैदान पहुंचा। रावण बध की लीला के बाद रावण के पुतले का दहन किया गया। इस मौके पर श्रीराम के उद्घोष से पूरा वातावरण गुंजायमान होता रहा। इस दौरान मेले का आयोजन किया गया। नगर पंचायत के तरफ से सफाई की उत्तम व्यवस्था की गई थी तथा पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद रहा।
दुबिहां संवाददाता के अनुसार अति प्राचीन रामलीला कमेटी बाराचवर की तरफ से मगंलवार के दिन कलाकारों द्धारा राम रावण युद्ध का मंचन किया गया। प्रभु राम ने रावण के पुतले पर अग्निबाण चलाया तो पुतले में अग्नि प्रवाहित हो गयी तथा पुतला जलने लगा। पूरा वातावरण प्रभु राम के जयकारें से गूंजता रहा। करीमुद्दीनपुर थाना प्रभारी अशेषनाथ सिंह, एसआई पवन कुमार सिंह दल बल के साथ मेला परिसर में मौजूद रहे। कमेटी के अध्यक्ष ब्रजेन्द्र सिंह ने मेला सकुशल सम्पन्न होने पर सभी का आभार प्रकट किया। मलसा संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के देवरिया, ढढनी, मलसा, ताड़ीघाट, मतसा आदि गावों में परंपरागत ढंग से दशहरा मेला का आयोजन किया गया। देवरिया में मेले का शुभारंभ कठवामोड पुलिस चौकी इंचार्ज विजयकांत द्विवेदी और देवरिया पुलिस चौकी इंचार्ज राजीव त्रिपाठी ने फीता काट कर संयुक्त रूप से किया।
जखनियां संवाददाता के अनुसार सिद्धपीठ हथियाराम मठ पर विजयादशमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। यहां पर लगातार नौ दिनों से बुढ़िया माई धाम पर चल रहे शतचंडी महायज्ञ का समापन नवमी तिथि को कन्या पूजन के साथ किया गया। अगले दिन विजयादशमी को सिद्धपीठ में ध्वज पूजन, शस्त्र पूजन, शास्त्र पूजन व शक्ति पूजन के साथ ही बुढ़िया माई को हलुआ पूड़ी का भोग लगाया गया। इसके बाद भव्य जुलूस के साथ संत शिष्य श्रद्धालुओं का समूह सिद्धेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण पहुंचा। जहां शिव रुद्राभिषेक ऽशिव पूजनऽ के बाद शमी वृक्ष पूजन किया गया। महामंडलेश्वर श्री भवानीनंदन यति जी ने कहा कि विजयादशमी का पर्व विजय का पर्व है। इस दिन केवल रावण का पुतला ही नहीं बल्कि मन में भरे बुराइयों का भी दहन करना होगा, तभी जगत का कल्याण संभव है। इसी क्रम में पर्यटन विभाग के डायरेक्टर व खाद्य विभाग के विशेष सचिव अखंड प्रताप सिंह ने कहा कि गुरु की महिमा अपरंपार है। जो गुरु का कृपा पात्र है वह सब कुछ प्राप्त कर सकता है। जंगीपुर के विधायक वीरेंद्र यादव ने कहा कि हमारी सांस्कृतिक विरासत ही हमारी मूल पूंजी रही है। आज हमारे कष्ट का प्रमुख कारण संस्कृति को भूल जाना है, इसका अनुकरण से हम सभी सुख प्राप्त कर सकते हैं। इस मौके पर वाराणसी मंडल अपर आयुक्त जितेंद्र मोहन सिंह, मंगला प्रसाद, जिला पंचायत सदस्य रमेश यादव, जितेंद्र सिंह, अभयानंद, सर्वेश पांडेय, राजेंद्र सिंह, आनंद कुमार मिश्रा, रविंद्र सिंह, डा. संतोष मिश्रा, एडवोकेट शिवानन्द सिंह, डा. संतोष सिंह, सौरभ सिंह, हरिश्चन्द्र सिंह, धीरेंद्र सिंह, सुनील, डा. गंभीर सिंह, डा. अमिता दूबे इत्यादि मौजूद रहे।संचालन विपिन पांडेय ने किया। इसी क्रम में सिद्धपीठ भुड़कुड़ा मठ पर विजयादशमी के दिन सिद्ध संतों की समाधि स्थल पर दर्शन पूजन को पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों से आए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। 450 वर्ष प्राचीन परंपरा के अनुसार भीखा, गुलाल सहित सिद्ध संतों की समाधि पर पीठाधीश्वर शत्रुघ्न दास जी महाराज द्वारा महाआरती की गई।
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तीसरे साल भी नहीं हुआ रामलीला का मंचन
सादात। नगर पंचायत सादात में लगातार तीसरे वर्ष भी रामलीला का आयोजन नहीं हुआ जिससे लोगों में असंतोष व्याप्त है। नगरवासियों ने इसके लिए नगर पंचायत अध्यक्ष और रामलीला समिति को जिम्मेदार ठहराया है। यहां की सौ वर्ष पुरानी रामलीला समिति पूरी तरह से छिन्न-भिन्न हो गई है। इस रामलीला का अपना अलग ही महत्व रहा है। इसे देखने शादियाबाद, जखनिया, बहरियाबाद, बौरवां, मिर्जापुर , प्यारेपुर, मौधिया से लोग आते थे । पिछले तीन साल से इसका आयोजन नहीं किया जा रहा है। नगर पंचायत अध्यक्ष प्रमिला यादव और पूर्व चेयरमैन राजनाथ यादव ने बताया कि क्षेत्र में बाढ़ आने और भारी बरसात होने के कारण रामलीला की तैयारी नहीं हो सकी।
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